सीबीआई ने आनंद विहार बस अड्डा के बाहर रिश्वत लेते दिल्ली पुलिस के हवलदार समेत दो को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली। आनंद विहार बस अड्डा के बाहर बस स्टैंड के सामने बसें खड़ी करने के एवज में एक ट्रांसपोर्टर से पांच हजार रुपये रिश्वत लेते सीबीआई ने दिल्ली पुलिस के हवलदार अमरपाल और बिचौलिया का काम करने वाले ट्रांसपोर्टर दीपक को गिरफ्तार किया है। दोनों को कड़कड़डूमा कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
अमरपाल की तैनाती पटपड़गंज औद्योगिक थाने में थी। वहीं दीपक, दल्लुपुरा गांव का रहने वाला है और छोटा ट्रांसपोर्टर है। उसकी कई बसें यमुनापार और उत्तर प्रदेश में चलती हैं। वह स्थानीय थाना पुलिस के साथ मिलकर उनके लिए अन्य बस संचालकों से पैसे वसूलने का धंधा करता था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक दल्लुपुरा गांव के रहने वाले परमाल डेढ़ा की यमुनापार और यूपी के जिलों में कई निजी बसें चलती हैं। वह बहुत पुराना और बड़ा ट्रांसपोर्टर माना जाता है। उनकी कई चाटर्ड बसें भी चलती है। उसकी अधिकतर बसें आनंद विहार बस अड्डा के बाहर स्थित विभिन्न बस स्टैंड के बाहर खड़ी रहती है और वहां से सवारियां उठाती हैं।
ट्रांसपोर्टर से पुलिस लेती है रिश्वत
सूत्रों के मुताबिक आनंद विहार बस अड्डा के बाहर दिन रात तमाम ट्रांसपोर्टरों की बसें अवैध रूप से रोकी जाती है। वहां से बस चालक सवारियां उठाते हैं। वहां से कुछ बसें दिल्ली के विभिन्न इलाके व कुछ उत्तर प्रदेश जाती हैं। सैकड़ों की संख्या में ट्रांसपोर्टरों के दलाल बस अड्डा के बाहर घूमते रहते हैं, जो यात्रियों को जबरन पकड़ कर उन्हें अपनी-अपनी बसों में ले जाते हैं। सभी ट्रांसपोर्टरों का पुलिस से अच्छी सांठगांठ रहती है। वे पुलिसकर्मियों को मासिक तौर पर रिश्वत देते हैं। तभी उन्हें बसें खड़ी करने की इजाजत मिलती है।
सभी ट्रांसपोर्टरों से होती है वसूली
आनंद विहार बस अड्डा चौकी पुलिस के अलावा ट्रैफिक पुलिस भी सभी ट्रांसपोर्टरों से मासिक तौर पर मोटी रकम वसूलती है। परमाल डेढ़ा का किराए आदि के कई धंधे हैं। वह नेता गिरी भी करता है। सूत्रों की मानें तो परमाल का बेटा गौरव अपनी बसें खड़ी करने के लिए पैसे नहीं देना चाह रहा था। इस बात को लेकर हवलदार अमरपाल से उसका झ्रगड़ा हो गया था। ट्रांसपोर्टर दीपक से भी गौरव का झगड़ा हो गया था। बीच का रास्ता निकालने के लिए गौरव ने दीपक के माध्यम से हवलदार से संपर्क कर पांच हजार रुपये महीना देने की डील तय की, लेकिन सबक सिखाने के लिए उसने सीबीआई में भी शिकायत कर दी।
सीबीआई ने रंगे हाथ दबोच लिया
सीबीआई ने पहले उनके मोबाइल नंबरों को ट्रैक कर आवाज रिकार्ड किया। बुधवार शाम को सीबीआई ने गौरव को बताया कि वह हवलदार और दीपक को फोन कर पैसे ले जाने के लिए आनंद विहार बस अड्डा के बाहर स्थित बस स्टैंड पर बुला लें। जैसे ही दोनों पैसे लेने गौरव के पास आए, सीबीआई ने उन्हें दबोच लिया। पूछताछ से कई चौकाने वाली जानकारी मिली है। सैकड़ों ट्रांसपोर्टरों से आनंद विहार चौकी पुलिस हर माह लाखों रुपये बस खड़ी करने के लिए वसूलती है जो चौकी प्रभारी से लेकर पटपड़गंज थाने के थानाध्यक्ष तक जाता है। इनसे पूछताछ के आधार पर सीबीआई जल्द अन्य पुलिसकर्मियों को भी गिरफ्तार कर सकती है।
फुटपाथ विक्रेताओं से भी होती है वसूली
बस अड्डा के बाहर सैकड़ों की संख्या में नाले के किनारे लगाए गए दुकानदारों से भी चौकी पुलिस मासिक तौर पर लाखों रुपये वसूलती है। दुकानदारों ने पूरे नाले और फुटपाथ पर सालों से अतिक्रमण कर रखा है। इसके एवज में दुकानदार पुलिस समेत सभी संबंधित एजेंसियों को रिश्वत देती है। इससे दिन रात बस अड्डा के बाहरी जाम की स्थिति बनी रहती है।




