शहीद परिवार के लोगों ने यह महसूस किया है कि देश के लिए उनके बच्चों ने जो बलिदान दिया है भारत सरकार उसका सम्मान कर रही है : वीरेन्द्र सचदेवा

नई दिल्ली। भाजपा के वरिष्ठ नेता विनय सहस्रबुद्धे और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने आज प्रदेश कार्यालय में दिल्ली के सभी 256 मंडलों से आए मेरी माटी मेरा देश कलश को प्रतिकातमक रुप से मंडल अध्यक्षों ने अर्पित किया क्योंकि इस अभियान का समापन पूर्ण रुप से 31 अक्टूबर को होगा। इस मौके पर कार्यक्रम की संचालक एवं प्रदेश महामंत्री श्रीमती कमलजीत सहरावत, महामंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा एवं श्री योगेन्द्र चंदोलिया उपस्थित थे।
विनय सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि ‘मेरी माटी मेरा देश’ का अभियान के समापन अवसर पर लेकर आए गए सभी 256 मंडलों से लाई गई मिट्टी एक अनोखा प्रयास है और आज इस प्रयास को कुछ लोग विभिन्नता का नाम देकर यह कहते हैं कि विभिन्नता से विभाजन की बू आती है लेकिन हकीकत यह है कि विभिन्नता कभी विभाजन का आधार नहीं बन सकती। हमारे कार्यकर्ताओं के बीच विभिन्न भाषा होने के बावजूद उनकी सोच एक है। इस विभिन्नता के अंदर समाहित है एकता का स्वर। बाहरी विभिन्नता के कारण ही उसमें एक अलग ही सुंदरता है।
विनय सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एक दार्शनिक प्रधानमंत्री हैं और वह चिंतन के आधार पर कार्य करते हैं। एक भारत संयुक्त भारत का सूत्र प्रस्तुत कर उन्होंने इसको प्रमाणित भी किया है। युवाओं को विभिन्नता का सही अर्थ समझना होगा और उसके लिए भारत का भारत रहना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि देश के हर क्षेत्रों से लाई गई माटी दिल्ली में मिलेगी और यह दिल्ली का सौभाग्य है कि जैसे नदियों का संगम एक समुद्र में होता है वैसे ही दिल्ली भी उन मिट्टियों के संगम का समुन्द्र बनेगा।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि मेरी माटी मेरा देश अभियान के लिए जब हम उन घरों से मिट्टी लेने पहुंचे जिन घरों के बच्चे शहीद हुए थे तो उनके परिवार वालों के आंखों में एक अलग खुशी देखने को मिली।
उन्हें भी इस बात का एहसास हुआ कि देश के लिए उनके बच्चों ने जो बलिदान दिया है भारत सरकार उसका सम्मान कर रही है। उन्होंने कहा कि पूरे देश के गांवो से कार्यकर्ता दिल्ली आना प्रारंभ हो गए हैं और कल जब कर्तव्य पथ पर देश भर के लोग आकर अपने कलश से माटी अर्पित करेंगे तो वह दृश्य बहुत ही अनोखा होगा।
वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि हमने पांच प्रण भी लिए उस वक्त लोगों के चेहरे पर भारतीय होने का एक गर्व दिख रहा था। इसका पूरे समाज में चिंतन और वंदन हुआ है। आने वाले पीढ़ी को जो संस्कार मिलने वाला है उसका नींव 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा रखी जाएगी। सचदेवा ने कहा की अमृत वाटिका का निर्माण पूरे देश की मिट्टी से होगा और वह मिट्टी उन शहीदों को एक नमन होगा जिन्होंने देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया और इस ऐतिहासिक पल के हम सब गवाह बनेंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button