कभी जोमैटो के लिए की डिलीवरी, आज इंस्टाग्राम पर हरियाणा के अंकित के 4 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स

सोनीपत/हरियाणा। यह कहानी अंकित बैयनपुरिया नाम के एक ऐसे युवक की है जिसने अपनी जिंदगी में कई उतार चढ़ाव देखे। घर की माली हालत सही न होने के कारण अंकित ने मजदूरी और जोमैटो डिलीवरी बॉय का भी काम किया। अंकित ने कई सालों तक पेशेवर कुश्ती भी की। लेकिन चोट के कारण वो फिर से रिंग में वापस नहीं जा सके। जिसके बाद उसने इंस्टाग्राम पर जाकर अपने फिटनेस के सफर को साझा करना शुरू किया। आज उनके इंस्टाग्राम पर 4 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।
अंकित हरियाणा के सोनीपत जिले के एक छोटे से शहर बयांपुर के रहने वाले हैं। उनसे परिवार में पिता और मां हैं जो मजदूरी करते हैं। दोनों की मदद करने के लिए अंकित ने कई नौकरियां की। उनके गांव में ‘दंगल’ का परंपरागत अनुसरण होता है। वहीं से उनको कुश्ती का शौक आया। लेकिन एक चोट ने उनकी जिंदगी बदल दी। चोट के बाद उन्होंने फिटनेस के बारे में शोध करना शुरू किया। इसी दौरान उन्होंने एंडी फ्रिसेल्ला के ’75-दिन कठिन चैलेंज’ के बारे में सुना। अंकित ने इस चैलेंज का 75 दिन सख्ती से पालन किया और इस अपने इंस्टाग्रेम पेज पर शेयर किया। जिसके चलते सिर्फ 28 दिनों में इंस्टाग्राम पर उनके 2.5 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स बढ़ गए।

अंकित बैयनपुरिया

अपने अनूठे स्वागत ‘राम राम सर्याणे’ के साथ, अंकित अपने इंस्टाग्राम दर्शकों के साथ गहरा जुड़ाव बनाते हैं। वह रोज़ाना की दिनचर्या, स्वस्थ आहार, और कठिन व्यायामों को अपने गांव के पृष्ठभूमि के साथ साझा करते हैं। जिससे वे दुनियाभर के दर्शकों और साथी भारतीयों के साथ संवाद करते हैं। उनका कंटेंट प्रमुख व्यक्तियों जैसे कि बादशाह, फ्लाइंग बीस्ट, आरजे अभिनव, हर्षवर्धन राणे जैसे प्रमुख चेहरों को प्रेरित करने में आगे बढ़ा है, जिन्होंने उनके प्रयासों की व्यक्तिगत प्रशंसा की है।
ऐसे पूरा किया 75 दिन का चैंलेज
अंकित के 75 दिन के चैलेंज का सफर खास है। अंकित कहते है कि उनका पूरा सफर अद्भुत रहा है। कुछ खास क्षण तो नहीं हैं क्योंकि 75 दिनों तक रूटीन हर दिन समान थी। हालांकि, मुझे इस प्रक्रिया का अनुभव सच में बहुत अच्छा लगा है। क्योंकि इसने मुझे वैसे परिणाम दिए हैं। पहले तो इस चुनौती को रोज करना आसान नहीं था, लेकिन कुछ दिनों के बाद यह आसान हो गया। मुझे हर दिन बेहतर करने के लिए अपनी सीमाओं को बढ़ाने का आत्मविश्वास मिला। कुछ दिन मुझे हार मानने का मन करता था, लेकिन फिर मैंने अपनी इच्छा को बनाए रखा और हर दिन बेहतर करने का प्रयास किया।

अंकित इंस्टाग्राम पर शेयर करते हैं वीडियो

जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिसा
अंकित ने बताया कि 75 दिन का चैलेंज मेरे लिए जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। ‘भगवद गीता’ ने मुझे आध्यात्मिकता की ओर मार्ग दिखाया और मेरी मानसिक शांति में यह मदद की है। शारीरिक शक्ति से कुछ भी प्राप्त किया जा सकता है, लेकिन मानसिक शक्ति केवल आध्यात्मिकता से ही आती है। इसलिए यह मेरे चैलेंज में सबसे महत्वपूर्ण कारक है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button