बलात्कार की बढ़ती घटनाओं से टेंशन में आया चीन, अब किंडरगार्टन के बच्चों को देगा सेक्स एजुकेशन

बीजिंग,(एजेंसी)। चीन में किंडरगार्टन में यौन शिक्षा शुरू करने का प्रस्ताव पेश किया गया है। इसे चीनी संसद के आने वाले सत्र में मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर चीन में बहस शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यौन शिक्षा चीन के कानूनों का सम्मान करती है। उनका दावा है कि प्राकृतिक विज्ञान और चीनी सामाजिक मूल्य, पश्चिमी विचारधारा और मूल्यों पर आधारित शिक्षा के मॉडल को तोड़ देंगे। हालांकि, कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो छोटे बच्चों को यौन शिक्षा देने के खिलाफ हैं। उनका मानना है कि इससे बच्चों पर मनोवैज्ञानिक असर पड़ेगा।

चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स से बात करते हुए पूर्वी चीन के झेजियांग प्रांत के क्यूझोउ के एक अस्पताल के डॉक्टर चेन वेई ने कहा कि यौन शिक्षा स्कूली शिक्षा का एक अनिवार्य हिस्सा है। स्कूलों में व्यापक यौन शिक्षा के लिए किंडरगार्टन बेहद महत्वपूर्ण वक्त है। चेन वेई चीन की राष्ट्रीय विधायिका, 14वीं नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने ही किंडरगार्टन से यौन शिक्षा प्रदान करने और चीनी संस्कृति के लिए उपयुक्त पाठ्यपुस्तकों का उपयोग करने को लेकर एक प्रस्ताव तैयार किया है।

उनका मानना है कि बड़े पैमाने पर यौन शिक्षा युवाओं को सेक्स के प्रति कुछ ज्ञान, कौशल, दृष्टिकोण और मूल्य प्रदान करेगी। इससे उनके स्वास्थ्य और सम्मान को सुनिश्चित किया जा सकेगा। चेन का दावा है कि युवाओं को व्यापक यौन शिक्षा देने से पहली बार इंटरकोर्स को लेकर जागरूकता आएगी। इससे बार बार संबंध बनाने की आवृति को भी कम किया जा सकता है। इतना ही नहीं, चेन का मानना है कि इससे जन्म नियंत्रण उपायों को लेकर भी जागरूकता आएगी और उनका इस्तेमाल बढ़ेगा।

सुप्रीम पीपुल्स प्रोक्यूरेटोरेट के बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, चीन में पिछले पांच साल में कुल 131,000 लोगों पर बलात्कार और बाल उत्पीड़न सहित नाबालिगों के यौन उत्पीड़न के लिए मुकदमा चलाया गया है। एक चीनी गैर सरकारी संगठन के प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, सिर्फ 2021 में बच्चों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के 223 मामले दर्ज किए गए, जिसमें 569 से अधिक पीड़ित शामिल थे। ऐसे में चीन की कोशिश यौन शिक्षा के माध्यम से बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों को रोकना है। यौन अपराधों के अलग-अलग प्रारूपों के बढ़ने को लेकर भी चीन परेशान है।

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