ब्लास्ट में पति की मौत, छोटे-छोटे 4 बच्चे,बेसहारा सुनैना के लिए पुलिस-व्यापारियों ने जुटाए 1.75 लाख रुपये

नई दिल्ली। वही दूसरों की मदद कर सकता हैं, जो दर्द के अहसास को समझता हैं… ये लाइनें दिल्ली पुलिस और उन व्यापारियों के लिए बिल्कुल सटीक है, जो एक गरीब परिवार के लिए मसीहा बने हैं। दरअसल शहर के व्यापारियों और पुलिसकर्मियों ने मिलकर एक विस्फोट में जान गंवाने वाले गुलाब मंडल के परिवार को 1.75 लाख रुपये की मदद की है। यह हादसा बीते 7 जनवरी को सदर बाजार इलाके में स्थित एक दुकान में हुआ था। मंडल को दुकान में रखे गए अवैध पटाखों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। अवैध पटाखों के बोरे में हुए विस्फोट के कारण मंडल की मौत हो गई थी। मृतक मंडल के परिवार में उनकी पत्नी सुनैना देवी और चार नाबालिग बच्चे हैं।

हाल ही में सुनैना देवी ने बिहार से दिल्ली की यात्रा की और पुलिस और व्यापारियों की मदद मांगी। दिल्ली पुलिस और सदर इलाके के कुछ व्यापारियों ने सुनैना की तकलीफ को महसूस किया और 1.75 लाख रुपये का चेक सौंपकर आर्थिक मदद की। सदर निष्काम वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हरजीत सिंह छाबड़ा ने कहा कि 7 जनवरी ब्लास्ट की घटना उनकी दुकान के काफी करीब हुई। उन्होंने बताया कि मृतक मंडल की पत्नी सुनैना देवी उनसे मिलने आई थी, उस दौरान उसने चप्पल भी नहीं पहनी हुई थी। वह कहते हैं सुनैना की ऐसी हालत देखकर उनका दिल पसीज गया। उन्होंने कहा, वह सोचने लगे कि सुनैना इतनी ठंड में नंगे पैर मदद मांग रही है, उसके लिए जीवन बिताना कितनी बड़ी चुनौती होगा। वह बताते हैं सुनैना के चार नाबालिग बच्चे हैं, सबसे बड़ा 8 साल का है। उन्होंने कहा, ‘मैंने असोसिएशन के सदस्यों से बात की और चार घंटे के भीतर 100 से अधिक सदस्यों ने 1.75 लाख रुपये जमा कर लिया।

छाबड़ा ने बताया कि सदर इलाके के एसएचओ कन्हैया लाल यादव खुद ने भी मदद का हाथ आगे बढ़ाया। यादव के अन्य साथियों ने भी काफी मदद की है। यादव ने ही सदर स्टेशन में सुनैना को 1.75 लाख रुपये का चेक सौंपा और आगे भी मदद का भरोसा दिया है। एसएचओ ने कहा कि सभी अधिकारियों से कहा गया है कि वे जो भी राशि देना चाहते हैं, योगदान दें। यादव ने कहा, ‘हम उसकी मदद करना चाहते थे ताकि वह एक नया जीवन शुरू कर सके और अपने बच्चों की देखभाल कर सके।’

आर्थिक मदद मिलने से सुनैना काफी खुश है। सुनैना ने कहा, ‘मेरे पति ही हमारे लिए कमाने वाले थे। मुझे जो पैसा मिला है, उससे मैं बिहार वापस जाऊंगी और अपना गुजारा चलाने के लिए एक छोटी सी दुकान खोलूंगी।’ सुनैना ने कहा मैं सरकार से गुहार लगाती हूं कि हमें और मदद करें। सुनैना ने कहा कि मेरे चार बच्चे हैं, दो लड़के और दो लड़कियां। मैं चाहती हूं कि वे शिक्षित हों और अपने जीवन में अच्छा करें।

मंडल (35) की उस विस्फोट में मौत हो गई थी जो 7 जनवरी सदर इलाके की एक दुकान में हुआ था जब उसके मालिक ने अवैध पटाखों की एक बोरी को हटाने के लिए कहा था। पुलिस के मुताबिक मंडल को इस बात की जानकारी नहीं थी कि वह अवैध पटाखे ले जा रहा है। पुलिस ने घटना के संबंध में एक किशोर को गिरफ्तार कर लिया है और उसके भाई की तलाश कर रही है, जिस पर मामला दर्ज किया गया है।

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