अनुसूचित जाति के समस्त सामाजिक संगठनों की सद्भावना बैठक हुई आयोजित

जयपुर,(राजस्थान)।  डॉ.अंबेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी, राजस्थान की प्रदेश कार्यसमिति द्वारा अनुसूचित जाति के समस्त समुदायों के विभिन्न संगठनों, जातिगत महासभाओं व संस्थाओं के परस्पर सहायोग से नियमित मेल मिलाप, बैठक व सम्मेलन आयोजित करने के उद्देश्य से एक सद्भावना प्रकोष्ठ का गठन किया गया है! जिसका संयोजक सोसायटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री बी एल बैरवा को नामित किया गया है तथा सहसंयोजक श्री अनूप सिंह व श्री नवरतन बुनकर को नामित किया गया है। डॉ.अंबेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी, राजस्थान के सद्भावना प्रकोष्ठ के माध्यम से दिनांक 08.01.2023 को सोसायटी के झालना सांस्थानिक क्षेत्र, जयपुर स्थित कांफ्रेंस हॉल में अनुसूचित जाति वर्ग के समस्त सामाजिक संगठनों की पहली सद्भावना बैठक आयोजित की गई।जिसकी अध्यक्षता सोसायटी अध्यक्ष डॉ. रवि प्रकाश मेहरडा जी (IPS) ने की तथा सोसायटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं सद्भावना प्रकोष्ठ के संयोजक श्री बी एल बैरवा ने संचालन किया।

डॉ. रवि प्रकाश मेहरडा जी ने उक्त सद्भावना बैठक का शुभारंभ करते हुए कहा कि हमारी कार्यकारिणी के चुनाव अभियान में जारी कार्य पत्रक में हमने आश्वस्त किया था कि हम अनुसूचित जाति वर्ग की विभिन्न जातियों को एक छतरी के नीचे लाकर उनमें आपसी तालमेल बैठाकर व पारस्परिक सहयोग की भावना पैदा कर एकजुट करेंगे तथा इस सोसायटी को अनुसूचित जाति वर्ग की समस्त जातियों का अम्ब्रेला बनायेंगे और मुझे ख़ुशी है कि आज इस कार्य की शुरुआत होने जा रही है। उन्होंने कहा कि हम विभिन्न समाजों में बंटे हुए हैं तथा विभिन्न जातिगत संस्थाओं के माध्यम से समाज सेवा कर रहे हैं लेकिन अनुसूचित जाति वर्ग के समग्र विकास के लिए आपसी तालमेल व एकजुटता का अभाव है।एक जाति दूसरी जाति को छोटा बड़ा समझती है, उनके साथ रोटी बेटी का व्यवहार नहीं होता है तथा एक दूसरे के साथ हो रहे अत्याचार व अन्याय में साथ नहीं देते हैं।जातिगत ढाँचा एक सामाजिक संरचना है लेकिन एक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के लिए एक मंच पर आने की आवश्यकता है। जो जाति अभी भी पीछे रह गई हैं व अपने आपको उपेक्षित महाशूस करती हैं उन्हें सहयोग कर आगे लाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि अत्याचार के मामलों में बिना तथ्यात्मक जाँच करे सोसियल मीडिया पर पोस्ट डालने व ज्ञापन, धरने प्रदर्शन करने से हमारी क्रेडिबिलिटी कम होती है ।अतः हर एक मामले में पहले गहराई से जाँच करें, वास्तविकता का पता लगायें व तथ्यात्मक आँकड़े इकट्ठा कर रिसर्च करें फिर मजबूती के साथ अपनी बात रखें तो शायद ज़्यादा जल्दी न्याय मिलेगा व हमारी क्रेडिबिलिटी बढ़ेगी। सोसायटी के उपाध्यक्ष श्री सत्यवीर सिंह जी (IPS Rtd.) ने कहा कि डॉ.अंबेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी अनुसूचित जाति वर्ग की सबसे बड़ी संस्था है जिसमें हर एक छोटी-बड़ी जाति का स्वागत है। हम इसे सही मायने में समूचे अनुसूचित जाति वर्ग की संस्था बनाना चाहते हैं। अतः संस्था में सबको जोड़ने का काम किया है और आज की ये सद्भावना बैठक इसका एक जीता जागता उदाहरण है।

बैठक के दोरान सभी सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों व प्रबुद्धजनों ने भाग लिया व सर्वसम्मति से निम्नलिखित प्रस्ताव पास किये:-
1. इस तरह की सद्भावना बैठक नियमित रूप से आयोजित की जायें जिनमें जो समाज आने से रह गये हैं उन्हें भी बुलाया जाये।
2. उक्त सद्भावना बैठकों में अनुसूचित जाति समाज में आपसी तालमेल बैठाकर पारस्परिक सहयोग के माध्यम से भाईचारे की भावना पैदा कर एकजुटता लाने के लिए एजेंडा तय किया जाये।
3. कुछ सद्भावना बैठकों के बाद सभी जातिगत महासभाओं व भिन्न भिन्न सामाजिक संगठनों का एक सद्भावना सम्मेलन आयोजित किया जाये।
4. अनुसूचित जाति की किसी एक जाति के साथ अत्याचार अन्याय हो तो दूसरी जातियाँ उसका साथ दें।
5. अनुसूचित जाति की जातियों में आपस के विवाद/झगड़ों को सौहार्दपूर्ण तरीक़े से निपटाया जाये व सामंजस्य बैठाने की कोशिश की जाये।
6. अनुसूचित जाति की किसी भी जाति के शादी/विवाह, जन्म/मृत्यु, सुख/दुःख के कार्यक्रम में सभी जातिगत संगठन के अध्यक्ष/महासचिव व सोसायटी के पदाधिकारी आवश्यक रूप से जाये।
7. अनुसूचित जाति की एक दूसरी जाति के साथ रोटी व बेटी का व्यवहार शुरू किया जाये।
8. अनुसूचित जाति की जातियों में आपस में अंतर्जातीय विवाह को बढ़ावा देने के लिए सोसायटी प्रांगण में अंतर्जातीय सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए जायें।
9. अनुसूचित जाति की जातियों में व्यक्तिगत अंतर्जातीय विवाह के लिए सोसायटी निःशुल्क जगह उपलब्ध करवाएगी।
10. अनुसूचित जाति की सभी जातियों को कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।
11. अनुसूचित जाति की जातियों में आपस में ऊँच नीच, छूआछूत, भेदभाव व ग़ैर बराबरी का भाव ख़त्म किया जाये।
12. इस तरह की सद्भावना बैठक व सम्मेलन संभागीय, ज़िला, तहसील व ग्राम स्तर तक आयोजित करने का निर्णय लिया गया। जिसके लिये पूरे राज्य के सभी संगठनों के डाटा एकत्रित किए जाएँगे।

उक्त सद्भावना बैठक में बैरवा, बलाई, मेघवाल, रैगर, जाटव, कोली, खटीक, वाल्मिकी, ढोली, राणा, घुमंतुक जाति के राष्ट्रीय स्तर तथा प्रदेश व ज़िला स्तर के संगठनों के महत्वपूर्ण पदाधिकारियों व प्रबुद्धजनों ने भाग लेकर समाज हित में अपने विचार प्रस्तुत किए व अंत में सोसायटी के महासचिव श्री जी एल वर्मा जी ने उपस्थित सभी महानुभावों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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