कर्ज के चलते पत्नी का हाथ पकड़ गंगा में कूद गया सर्राफा कारोबारी

Due to debt, the bullion trader jumped into the Ganga holding his wife's hand

सहारनपुर/उत्तर प्रदेश। कर्ज का चक्कर कितना भयावह होता है, वह सहारनपुर की इस दर्दनाक घटना से समझा जा सकता है। सोमवार को यहां एक सर्राफा कारोबारी और उसकी पत्नी ने गंगा में कूदकर सुसाइड कर लिया। दोनों सुसाइड करने के लिए नई बाइक से हरिद्वार पहुंचे और एक-दूसरे का हाथ पकड़कर छलांग लगा दी। कारोबारी का शव गंगा में उतराता मिला जबकि पत्नी अभी भी लापता है। मरने से पहले कारोबारी ने वॉट्सऐप पर सुसाइड नोट अपने रिश्तेदारों को भेज दिया था, जिसमें लिखा है- मैं इस कर्ज के दलदल में इस कदर फंस गया हूं कि बाहर ही नहीं निकला पा रहा हूं। मरने से पहले की फोटो हम सभी को शेयर कर देंगे।
नगर कोतवाली क्षेत्र किशनपुरा निवासी सौरभ बब्बर की मोहल्ले में ही श्री साई ज्वेलर्स की दुकान है। रविवार की रात सौरभ बब्बर पत्नी मोना बब्बर के साथ हरिद्वार गए थे। सोमवार को उनका शव हरिद्वार में हर की पेड़ी पर मिला है। पत्नी लापता है। दोनों बहादरा बाद गंग नहर में कूदे हैं। सौरभ ने हाल ही में बाइक खरीदी थी। सौरभ के यहां कमेटी डलती थी। करोड़ों रुपए लोगों के थे। इसके दो बच्चे है, जिन्हें मरने से पहले नाना-नानी के यहां छोड़कर गए थे। इसका जिक्र उन्होंने खुद सुसाइड नोट में किया है।
फोन व पर्स से हुई शिनाख्त
रानीपुर थाना के प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि सौरभ बब्बर की सहारनपुर में श्री साईं ज्वेलर्स के नाम से दुकान है। उन्होंने बताया कि दंपति सोमवार को ही मोटरसाईकिल से हरिद्वार पहुंचे थे। सिंह ने बताया कि जमालपुर खुर्द गांव के पास गंगनहर के किनारे दलदल में एक व्यक्ति का शव अटका होने की सूचना मिलने पर पुलिस वहां पहुंची और गोताखोरों की मदद से शव निकाला। उन्होंने बताया कि मृतक के पैंट की जेब से मिले मोबाइल फोन और पर्स के आधार पर शव की शिनाख्त हुई।
कारोबारी पर था 10 करोड़ का कर्ज
उन्होंने बताया कि महिला का शव अभी नहीं मिला है और उसकी तलाश की जा रही है। सिंह ने बताया कि जानकारी मिली है कि सौरभ पर करीब 10 करोड़ रुपये का कर्ज था। दंपति के दो बच्चे हैं। दंपति ने आत्महत्या करने से पहले दोनों बच्चों को उनके नाना-नानी के पास पहुंचा दिया था। सिंह ने बताया कि आत्महत्या से पहले सौरभ और उनकी पत्नी द्वारा लिखा और दस्तखत किया एक नोट भी बरामद हुआ है जिसमें उन्होंने लिखा कि वह कर्ज के दलदल में इस कदर फंसे हैं कि अब बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा और इसलिए वे अपना जीवन समाप्त कर रहे हैं।
नाना-नानी के पास भेजे गए बच्चे
नोट में अपनी दुकान व मकान दोनों बच्चों के लिए छोड़ने की बात कहते हुए दंपति ने लिखा कि ‘‘हमने उन्हें अपने नाना-नानी के पास छोड़ दिया है क्योंकि उन्हें केवल उन्हीं पर भरोसा है।’’ सौरभ ने आत्महत्या से पहले अपनी दुकान पर काम करने वाले गोलू को एक ऑडियो संदेश भी भेजा था जिसमें उन्होंने कहा कि ‘‘यह सबको बता देना, हम लोग हरिद्वार में हैं और अब मरने जा रहे हैं।’’

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