स्वास्थ्य चुनौतियों से मिलकर लड़ेंगे सात देशों के वैज्ञानिक

नई दिल्ली। ग्लोबल होती दुनिया की चुनौतियां भी एक जैसी होती जा रही हैं, जैसे ग्लोबल वार्मिंग, स्वास्थ्य और खाद्यान्न संकट आदि। इन चुनौतियों से निपटने के लिए भारत, अमेरिका, कनाडा, ब्राजील. चेक रिपब्लिक. दक्षिण अफ्रीका और सिंगापुर एक मंच पर आए हैं। दिल्ली में इंटीग्रेटिड केमेस्ट्री, बायोलॉजी एण्ड ट्रांसलेशन मेडिसिन को लेकर दूसरे अंतर्राष्ट्रीय समागम की शुरूआत हुई। इस समागम का उदेश्य रसायन, बायोलॉजी और मेडिसिन से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाना है। वैश्विक सुवास्थ्य की चुनौतियों से त्वरित तौर पर निपटने के लिए ज़रूरी है कि सुवास्थ्य के क्षेत्र में भी समन्वित समाधान अपनाये जाऐं। इसी लक्ष्य को लेकर भारत की ओर से हेट्रोकैम इनोटेक के नाम से एक स्टार्टअप की घोषणा भी की गई जिसमें हंसराज कॉलेज के डॉक्टर ब्रजेश राठी प्रमुख भूमिका निभाऐंगे। इस स्टार्टअप का उदेश्य कैंसर समेत क्रानिक बीमारियों पर शोध करना है।
इस सम्मेलन के दौरान हंसराज कॉलेज के विश्व स्तर पर दो विश्वविद्यालयों के साथ एक्सचेंज प्रोग्राम को लेकर एमओयू भी साइन हुए. इन विश्वविद्यालयों में चार्ल्स यूनिवर्सिटी ऑफ चेक रिपब्लिक और दक्षिण अफ्रीका का क्वाज़लू विश्वविद्यालय शामिल है। इस एमओयू के साथ ही अब कॉलेज के छात्र और प्रोफेसर दोनों विश्वविद्यालयों में पढ़ और पढ़ा सकेंगे। इसी के साथ एक साझा विजन डॉक्यूमेंट पेश किया जाएगा. ताकि दुनिया भर के वैज्ञानिक मिलकर हेल्थ से जुड़ी वैश्विक चुनौतियों का सामना और समाधान कर सकें।
आप को बता दें कि तीन दिवसीय ये सम्मेलन 6 दिसंबर से शुरू हुआ, जिसका उदघाटन जल शक्ति मंत्री. गजेंद्र सिंह सोलंकी और रक्षा मंत्री के सलाहाकार जी सतीश रेड्डी ने किया, ये सम्मेलन आठ दिसंबर तक चलेगा. जिसमें सातों देशों के वैज्ञानिक सेहत से जुड़ी चुनौतियों का समाधान निकालने की कोशिश करेंगे।




