कोरोना की उत्पत्ति पर कई सवाल, आ गई लेटेस्ट पड़ताल, मानव निर्मित था कोविड-19 वायरस

अंतर्राष्ट्रीय डेस्क। साल 1978 में अमिताभ बच्चन की फिल्म आई थी ‘डॉन’ जिसमें डॉन का किरदार निभाने वाले अमिताभ मोनिका से कहते हैं कि रिवाल्वर खाली है, ये डॉन जानता है, मोनिका जानती है, लेकिन पुलिस नहीं जानती। अब दुनिया के सभी लोग पुलिस की भूमिका में है लेकिन जो डॉन है, उसे सारी असलियत का पता है। कोरोना वायरस कहां से आया, कब आया और कैसे आया। इन सवालों का जब भी जिक्र होता है तो नजर चीन पर जाकर टिकती है। लेकिन अपनी सबूतों की इमारतों पर चीन इस बात को झूठला देता है या पीछे हट जाता है। कोरोना को लेकर चीन से जुड़े खुलासे लगातार सामने आते रहे हैं। समय-समय पर ये भी दावे किए जाते रहे हैं कि क्या कोरोना वायरस पशु-से-मानव संचरण से स्वाभाविक रूप से पैदा हुआ या वुहान वायरोलॉजी लैब से गलती से लीक हो गया।

चीन के वुहान में एक विवादास्पद अनुसंधान प्रयोगशाला में काम करने वाले अमेरिका के एक वैज्ञानिक ने आश्चर्यजनक खुलासा किया है। वैज्ञानिक ने कहा है कि कोविड-19 एक “मानव निर्मित वायरस” था। चीन के वुहान की विवादित लैब के अमेरिकी वैज्ञानिक ने दावा किया है कि कोविड-19 एक मानव निर्मित वायरस था और यह इसी लैब से लीक हुआ था। ‘न्यूयॉर्क पोस्ट ने ब्रिटिश अखबार द सन में अमेरिका स्थित शोधकर्ता एंड्रयू हफ के बयान के हवाले से बताया कि दो साल पहले वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (डब्ल्यूआईवी) से कोविड लीक हुआ था, जो एक राज्य द्वारा संचालित और वित्त पोषित अनुसंधान है।

अमेरिकी सरकार के चीन में कोरोना वायरस रिसर्च की फंडिंग के कारण हुई थी। हफ की किताब के कुछ अंश ब्रिटेन के टैबलॉयड द सन में प्रकाशित हुए हैं। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, हफ इकोहेल्थ एलायंस के पूर्व उपाध्यक्ष हैं, जो न्यूयॉर्क में स्थित एक गैर-लाभकारी संगठन है जो संक्रामक रोगों का अध्ययन करता है। उन्होंने अपनी किताब में दावा किया है कि चीन के गेन-ऑफ-फंक्शन प्रयोग पूरी सुरक्षा के साथ नहीं किए गए, जिसके कारण वुहान लैब में रिसाव हुआ।

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