पहली बार छह महिला सैन्य अधिकारियों ने पास की डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कालेज की परीक्षा

नई दिल्ली। पहली बार छह महिला अधिकारियों ने डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कालेज की परीक्षा उत्तीर्ण की है। एक महिला अधिकारी ने अपने पति के साथ यह परीक्षा उत्तीर्ण की है जो खुद सैन्य अधिकारी हैं। इनमें से दो महिला अधिकारी सेना की गुप्तचर कोर से हैं। भारतीय सेना के इतिहास में पहली बार महिला अधिकारियों को प्रतिष्ठित डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कालेज में प्रवेश मिला है। कालेज की इस वर्ष की परीक्षा में 15 महिला अधिकारी सम्मिलित हुई थीं।
मालूम हो कि इस परीक्षा में प्रत्येक वर्ष 1,500 से 1,600 अधिकारी सम्मिलित होते हैं और सिर्फ 300 चयनित होते हैं। सेना द्वारा आयोजित यह एकमात्र कोर्स है जिसके लिए अधिकारियों को सभी छह पेपर्स पूरे करने होते हैं और पास करने होते हैं जिनमें टैक्टिक्स, ला एंड मिलिट्री हिस्ट्री के पेपर शामिल हैं। हायर कमांड, हायर डिफेंस मैनेजमेंट और नेशनल डिफेंस कालेज जैसे अन्य कोर्स नामांकन पर आधारित होते हैं। डीएसएससी कोर्स पूरा करने के बाद अधिकारी सेना की हायर फारमेशंस में अहम पदों पर नियुक्तियों के साथ-साथ विदेशी तैनातियों के लिए योग्य हो जाते हैं।
डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कालेजकी स्थापना 1905 में हुई थी और इसका अभ्यर्थी होने के लिए मेरिट ही आधार है। उत्तर पुस्तिका जांचने वाले परीक्षक को अभ्यर्थी की पहचान उजागर नहीं होती है अर्थात उन्हें नहीं पता होता कि वे किसकी उत्तर पुस्तिका जांच रहे हैं। यह कोर्स प्रत्येक वर्ष जून के आखिर में प्रारंभ होता है और उसके अगले साल मई तक चलता है। इसमें अन्य देशों के करीब 50 अधिकारियों को भी प्रवेश दिया जाता है।यह पहली बार है जब महिला अधिकारियों को परमानेंट कमीशन देने के बाद वे इस परीक्षा में सम्मिलित हुईं। फरवरी, 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को शार्ट सर्विस कमीशन की महिला अधिकारियों के लिए परमानेंट कमीशन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था।




