103 साल पुरानी उर्दू में लिखी रामायण को मेरठ यूनिवर्सिटी ने दिया डिजिटल रूप, जानिए पाकिस्तान से कनेक्शन?

मेरठ,(उत्तर प्रदेश)। उर्दू भाषा में छपी 103 साल पुरानी रामायण को लेकर मेरठ की चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी ने एक नई पहल की है। उर्दू रामायण को डिजिटल रूप दे दिया है और यह ऑनलाइन होने के लिए तैयार है। लाइब्रेरियन और प्रफेसर जे. ए. सिद्दिकी ने बताया कि 4 से 5 दिनों के अंदर यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर पढ़ने के लिए उपलब्ध होगा।यह किताब लाहौर से सरधना होते हुए मेरठ यूनिवर्सिटी की राजा महेंद्र प्रताप लाइब्रेरी तक पहुंची थी। महात्मा शिवब्रत लाल ने 103 साल पहले उर्दू में इसका ट्रांसलेशन किया था।

प्रफेसर सिद्दिकी ने 6 साल पहले मेरठ के सरधना निवासी मुकर्रम अली नामक शख्स से यह किताब ले ली थी, जो कि बॉलिवुड ऐक्टर नसीमुद्दीन शाह के रिश्तेदार हैं।प्रफेसर सिद्दिकी ने बताया, ‘मैं करीब 6-7 साल पहले मुकर्रम अली के घर गया था और वहां पर उसका कलेक्शन देखा था। उन्होंने बताया कि करीब 60 साल पहले एक दोस्त के जरिए उन्हें किताब मिली थी। पहले तो वह इस किताब को देना ही नहीं चाहते थे, जिसकी वजह भी वाजिब है। लेकिन फिर दोबारा मैं उनके घर गया और लाइब्रेरी के लिए पुस्तक देने का आग्रह किया। वह मान गए।’

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