शिक्षक की पिटाई से दलित छात्र की मौत:जालोर में गुस्साई भीड़ ने किया पथराव

जालोर,(राजस्थान)। राजस्थान के जालोर में स्कूल टीचर की पिटाई से एक नौ साल के दलित बच्चे की मौत हो गई। उदयुपर और अहमदाबाद में  24 दिन चले इलाज के बाद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। कल शनिवार शाम को बच्चे की मौत के बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक को हिरासत में लिया और फिर गिरफ्तार कर लिया। तनाव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने जालोर में इंटरनेट सेवा बंद कर दी है। जिले के सायला थाना क्षेत्र के सुराणा गांव में रहने वाला 9 साल का इंद्र मेघवाल सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ता था। 20 जुलाई को बच्चे ने स्कूल में रखे एक मटके से पानी पी लिया था। इस बात पर शिक्षक छैल सिंह ने उसकी पिटाई कर दी। घर पहुंचने पर उसकी तबियत ज्यादा बिगड़ी तो पिता देवाराम ने उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन बच्चे की हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे उदयपुर रेफर दिया।
जहां कई दिन चले इलाज के बाद उसकी तबियत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिजन उसे अहमदाबाद के एक निजी अस्पताल में लेकर चल गए। जहां कई दिन चले इलाज के बाद बीते शनिवार को बच्चे की मौत हो गई थी। प्राथमिकी जांच में सामने आया है कि उसके पिटाई से उसके कान की नस फट गई थी। उसका एक हाथ और पैर भी ठीक से काम नहीं कर रहा था।

मामला जालोर के सायला इलाके के सुराणा गांव स्थित सरस्वती स्कूल का है। हेड मास्टर छैल सिंह के लिए अलग रखी मटकी से पानी पीने की कीमत तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले 9 साल के इंद्र कुमार पुत्र देवाराम मेघवाल को जान देकर चुकानी पड़ी। आरोप है कि 20 जुलाई को छैल सिंह ने इंद्र को इतना मारा कि कान के पास गंभीर चोटें आईं। वह कराहते हुए घर पहुंचा और पूरा मामला परिवार वालों को बताया।इसके बाद पिता और अन्य परिवार वाले उसे हॉस्पिटल लेकर भागे। बागोड़ा, भीनमाल, डीसा, मेहसाणा, उदयपुर में इलाज कराया था। इसके बाद बच्चे को अहमदाबाद ले गए। वहां 24 दिन इलाज कराने के बाद 13 अगस्त की सुबह करीब 11 बजे इंद्र कुमार ने दम तोड़ दिया। थानाधिकारी ध्रुव प्रसाद ने बताया कि छैल सिंह के खिलाफ हत्या और एससी/एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

दलित स्टूडेंट की मौत के मामले को लेकर भीम आर्मी के समर्थकों ने रविवार दोपहर पुलिस पर पथराव कर दिया। भीड़ के उग्र होते ही पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। मृतक स्टूडेंट के मामा समेत आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को चोटें आई हैं। प्रदर्शनकारियों ने गाड़ियां खड़ी कर गांव का रास्ता ब्लॉक कर दिया था। घायलों तक को अस्पताल नहीं जाने दिया जा रहा था। मामला बिगड़ने की आशंका के चलते प्रशासन ने सुबह से ही जिले में इंटरनेट सेवा बंद कर दी है। रविवार को स्टूडेंट की बॉडी गांव पहुंची। घर के आंगन में बॉडी रखकर प्रशासन के साथ बात चली। परिजनों ने 50 लाख मुआवजा, परिवार के 1 सदस्य को सरकारी नौकरी और स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग की। इस दौरान भीम आर्मी के लोगों ने कहा कि इसको लेकर मुख्यमंत्री अभी ट्वीट करें, जब हम ट्वीट देखेंगे तभी शव उठाएंगे। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा- इसका एक प्रोसेस है। इस दौरान वहां माहौल गर्मा गया और धक्का-मुक्की हो गई। तभी कुछ लोगों ने पुलिस की गाड़ियों पर पथराव कर दिया। कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। पुलिस ने मृतक के परिजनों को छोड़कर सभी रिश्तेदारों को घर से बाहर निकाल दिया। शाम करीब साढ़े सात बजे परिवार वालों से मुआवजे पर सहमति बनी और बालक इंद्र का अंतिम संस्कार किया गया।बच्चे की पिटाई के बाद तबीयत बिगड़ने पर उसके पिता देवाराम और स्कूल हेड मास्टर छैल सिंह का ऑडियो भी सामने आया है। इसमें टीचर अपनी गलती मान रहा है और इलाज का खर्च देने की बात कर रहा है।

मुख्यमंत्री सहायता कोष से 5 लाख के मुआवजे की घोषणा की जा चुकी है। वहीं कलेक्टर ने 4 लाख की सहायता राशि की स्वीकृति दी है। चालान पेश होने के बाद 4 लाख की और सहायता राशि कलेक्टर की ओर से स्वीकृत की जाएगी।

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