उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मुस्तफाबाद में मतदाता सूची से नाम कटवाने के लिए 37 फॉर्म-7 दाखिल, 36 आवेदन पाए गए फर्जी
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए दाखिल 37 फॉर्म-7 की जांच में 36 आवेदन गलत पाए गए हैं। एक बूथ लेवल एजेंट ने तीन मतदाताओं को मृत और 34 को अनुपस्थित या स्थानांतरित बताया था।

उत्तर-पूर्वी दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के दौरान मतदाताओं के नाम सूची से हटवाने के लिए दाखिल किए गए फॉर्म-7 को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, एक बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की ओर से 37 मतदाताओं के खिलाफ फॉर्म-7 दाखिल किए गए थे। जांच में इनमें से 36 आवेदन गलत और फर्जी पाए गए, जबकि एक मतदाता के दूसरे स्थान पर स्थानांतरित होने का दावा सही मिला। मामले में संबंधित बीएलए के खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए 6 नवंबर 2026 को पुलिस में शिकायत दी गई है।
जिला निर्वाचन अधिकारी, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार मतदाता सूची से संबंधित सभी कार्य निर्धारित नियमों के तहत किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र में कथित तौर पर फर्जी फॉर्म-7 दाखिल किए जाने की शिकायतें और खबरें सामने आने के बाद निर्वाचन अधिकारियों ने आवेदनों की जांच शुरू की।
कार्यालय के अनुसार, संबंधित बीएलए ने तीन मतदाताओं को मृत बताकर उनके नाम हटाने के लिए आवेदन किया था। इसके अलावा 34 अन्य मतदाताओं के संबंध में दावा किया गया था कि वे अपने पते से अनुपस्थित हैं या स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं। इन सभी दावों का संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ), बीएलओ सुपरवाइजर और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) के माध्यम से नियमानुसार सत्यापन कराया गया।
जांच में तीनों मतदाता जीवित पाए गए और अपने पंजीकृत पते पर ही रह रहे थे। वहीं, अनुपस्थित या स्थानांतरित बताए गए 34 मतदाताओं में से 33 अपने दर्ज पते पर मौजूद मिले, जबकि एक मतदाता के स्थानांतरित होने की पुष्टि हुई। इस तरह कुल 37 आवेदनों में से केवल एक का दावा सही पाया गया और शेष 36 आवेदन गलत अथवा फर्जी निकले।
निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक, संबंधित बीएलए की ओर से कथित तौर पर जानबूझकर गलत जानकारी और घोषणा प्रस्तुत किए जाने के मामले में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। इस धारा में मतदाता सूची की तैयारी या पुनरीक्षण से जुड़े कार्य में लिखित रूप से झूठा बयान या घोषणा करने पर कार्रवाई का प्रावधान है। इसी आधार पर पुलिस को शिकायत देकर मामले की जांच और प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया गया है।
प्रशासन ने बताया कि मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र के अन्य पुलिस स्टेशन क्षेत्रों में भी फॉर्म-7 आवेदनों की इसी तरह जांच शुरू कराई गई है। जिन मामलों में आवेदन गलत या फर्जी पाए जाएंगे, उनमें निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और लागू कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखने के साथ किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटने से रोकना प्राथमिकता है।




