दिवाली पर जीटीबी अस्पताल अलर्ट, झुलसे और घायल मरीजों के इलाज के लिए विशेष तैयारी; 25 अतिरिक्त बेड आरक्षित

दिवाली पर पटाखों से झुलसने और घायल होने वाले मरीजों के इलाज के लिए जीटीबी अस्पताल ने विशेष इंतजाम किए हैं। हर साल पहुंचने वाले 160 से 200 मरीजों को देखते हुए 25 अतिरिक्त बेड आरक्षित किए गए हैं। बर्न, प्लास्टिक सर्जरी और नेत्र रोग विशेषज्ञों की ड्यूटी लगाई गई है, जबकि इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर, दवाइयों और चिकित्सा संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।

गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल फाइल फोटो

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली स्टेट हेड

पूर्वी दिल्ली। दीपावली के त्योहार पर पटाखों और आतिशबाजी से होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल प्रशासन ने आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं। अस्पताल में हर वर्ष दीपावली के दिन करीब 160 से 200 मरीज पटाखों से झुलसने और अन्य प्रकार की चोटों के उपचार के लिए पहुंचते हैं। मरीजों की संभावित बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए इस बार पहले से ही डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, बेड, दवाइयों और अन्य चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

अस्पताल प्रशासन ने दीपावली के लिए विशेष ड्यूटी रोस्टर तैयार किया है, जिसके तहत सभी संबंधित चिकित्सा विभागों के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की पर्याप्त तैनाती की गई है। विशेष रूप से बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी तथा नेत्र रोग विभाग के चिकित्सकों को ड्यूटी पर लगाया गया है, ताकि पटाखों से झुलसने, आंखों में चोट लगने और शरीर के अन्य हिस्सों में घायल होने वाले मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके। जरूरत पड़ने पर आपातकालीन ऑपरेशन थिएटर की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी, जिससे गंभीर मरीजों की सर्जरी में देरी न हो।

आपातकालीन स्थिति में मरीजों की भर्ती और उपचार के लिए अस्पताल प्रशासन ने राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल (आरजीएसएसएच) के ए एंड ई विभाग में 25 अतिरिक्त बेड आरक्षित किए हैं। ये बेड जीटीबी अस्पताल के मुख्य परिसर में बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के 30 नियमित बेड के अतिरिक्त होंगे। इसके अलावा मरीजों की जरूरत और स्थिति के अनुसार नेत्र रोग, ईएनटी, सर्जरी, न्यूरोसर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स और मेडिसिन विभागों में भी बेड उपलब्ध कराए जाएंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को भर्ती करने और उपचार उपलब्ध कराने में परेशानी न होने देना है।

अस्पताल के आपातकालीन विभाग और संबंधित वार्डों में पर्याप्त मात्रा में दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों और जरूरी मेडिकल कंज्यूमेबल्स का स्टॉक भी रखा गया है। प्रशासन ने उपचार से जुड़ी आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की है, ताकि दीपावली के दौरान अचानक बड़ी संख्या में मरीज पहुंचने पर भी चिकित्सा सेवाएं प्रभावित न हों। विशेष ड्यूटी रोस्टर के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया गया है कि जरूरत पड़ने पर संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सक तत्काल उपलब्ध रहें।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, किसी बड़ी दुर्घटना, सामूहिक रूप से घायलों के पहुंचने या अन्य अप्रत्याशित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान पहले से तैयार है। इसी योजना के तहत आपातकालीन परिस्थितियों में उपलब्ध संसाधनों और चिकित्सा टीमों का समन्वित उपयोग किया जाएगा।

दीपावली के दौरान पटाखों से जलने और आंखों में चोट लगने की घटनाएं गंभीर रूप ले सकती हैं। ऐसे में जीटीबी अस्पताल प्रशासन ने मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी रखने का दावा किया है। अस्पताल का लक्ष्य है कि त्योहार के दौरान किसी भी दुर्घटना के पीड़ित को बिना अनावश्यक देरी के चिकित्सा सहायता मिल सके।

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