गाजियाबाद में प्रशासन की रोक के बाद भी नहीं थमा साइकिल वितरण अभियान, गांव-गांव पहुंचकर छात्राओं को साइकिल दे रहे सपा नेता अनुज प्रधान
गाजियाबाद में सपा नेता अनुज प्रधान ने छात्राओं को साइकिल बांटने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया, लेकिन प्रशासन ने कार्यक्रम रोक दिया। अब अनुज प्रधान गांव-गांव पहुंच कर छात्राओं को साइकिल बांट रहे हैं।

गाजियाबाद। लोनी में 1,000 जरूरतमंद छात्राओं को साइकिल वितरित करने के प्रस्तावित कार्यक्रम पर पुलिस-प्रशासन की रोक और कार्यक्रम स्थल से टेंट-पंडाल हटाए जाने के बावजूद समाजवादी पार्टी के नेता अनुज प्रधान ने अपना अभियान जारी रखा है। सामूहिक रूप से साइकिल वितरण का कार्यक्रम भले ही आयोजित नहीं हो सका, लेकिन अब वह गांव-गांव पहुंचकर छात्राओं को साइकिलें सौंप रहे हैं। उनका कहना है कि छात्राओं से किया गया वादा हर हाल में पूरा किया जाएगा और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को स्कूल पहुंचने में होने वाली परेशानी दूर करने का प्रयास जारी रहेगा।
दरअसल, लोनी विधानसभा क्षेत्र के गढ़ी कट्टैया गांव में 25 अक्टूबर को साइकिल वितरण कार्यक्रम प्रस्तावित था। इसके तहत गरीब और जरूरतमंद छात्राओं को विद्यालय आने-जाने के लिए साइकिलें दी जानी थीं। अनुज प्रधान ने लोनी क्षेत्र के 55 नगर पालिका वार्डों और ग्राम पंचायतों से छात्राओं के दस्तावेज जुटाकर 1,000 छात्राओं की सूची तैयार कराई थी। हालांकि, प्रशासन ने विधिवत अनुमति नहीं होने का हवाला देते हुए कार्यक्रम पर रोक लगा दी। इस दौरान लोनी पुलिस ने अनुज प्रधान को हिरासत में लिया और नगर पालिका परिषद की कार्रवाई में कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए टेंट और पंडाल को जेसीबी की मदद से हटवा दिया गया। करीब 4 घंटे बाद उन्हें रिहा किया गया।
रिहाई के बाद अनुज प्रधान ने घोषणा की थी कि प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद वह छात्राओं को साइकिल वितरित करने का अपना संकल्प पूरा करेंगे। अब उन्होंने सामूहिक आयोजन के बजाय सीधे गांवों में पहुंचकर साइकिलें बांटनी शुरू कर दी हैं। वह सूची में शामिल छात्राओं के घर और गांव पहुंचकर उन्हें साइकिल सौंप रहे हैं। अनुज प्रधान के मुताबिक, कई छात्राओं को रोजाना स्कूल जाने के लिए 3 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। साइकिल मिलने से उनका समय बचेगा और पढ़ाई जारी रखने में सहूलियत होगी।
सपा नेता ने आरोप लगाया कि उन्होंने गांव-गांव और घर-घर जाकर जरूरतमंद छात्राओं की पहचान की थी। उनके दस्तावेज जुटाने से लेकर 1,000 साइकिलों की व्यवस्था करने तक काफी मेहनत की गई, लेकिन राजनीतिक विरोध के चलते कार्यक्रम को रोकने का प्रयास किया गया। उन्होंने सत्तारूढ़ दल के विधायक और अन्य राजनीतिक विरोधियों पर प्रशासन के साथ मिलकर अभियान में बाधा डालने का आरोप लगाया। हालांकि, ये आरोप उनके अपने हैं और इस संबंध में संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आना बाकी है।
उधर, साइकिल मिलने से छात्राओं में खुशी का माहौल है। छात्राओं का कहना है कि अनुज प्रधान ने उनसे किया वादा पूरा किया है। उनका कहना है कि स्कूल आने-जाने के लिए लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती थी, जिससे समय और मेहनत दोनों लगते थे। अब साइकिल मिलने से उन्हें पढ़ाई में सुविधा होगी। सामूहिक कार्यक्रम पर रोक के बाद गांव-गांव शुरू हुआ यह वितरण अभियान लोनी क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।




