महाराष्ट्र में अब राशन की दुकानों पर नहीं लगानी होगी कतार, एटीएम से मिलेगा सरकारी अनाज; शुरू हुआ प्रयोग

महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी दुकानों पर राशन की कालाबाजारी रोकने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने एटीएम के जरिए राशन देने का फैसला किया है। इसके तहत खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री छगन भुजबल ने नासिक में अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की शुरुआत की।

मुंबई,एजेंसी। सरकारी राशन की दुकानों पर कालाबाजारी, अनाज की तौल में गड़बड़ी और लंबी कतारों की समस्या दूर करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने नई पहल की है। अब पात्र राशन कार्डधारकों को बैंक एटीएम की तर्ज पर मशीन से सरकारी अनाज उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए नासिक जिले में अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम का प्रायोगिक संचालन शुरू किया गया है। सरकार की योजना सफल परिणाम मिलने पर इसे मुंबई, ठाणे, नागपुर सहित राज्य के अन्य हिस्सों में भी लागू करने की है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री छगन भुजबल ने हाल ही में नासिक में इस मशीन का उद्घाटन किया। यह आधुनिक तकनीक संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम के सहयोग से विकसित की गई है। मशीन के माध्यम से पात्र लाभार्थी अपनी पहचान सत्यापित कर निर्धारित मात्रा में अनाज प्राप्त कर सकेंगे। इसकी खासियत यह है कि इसे चौबीसों घंटे संचालित करने की व्यवस्था की गई है।
जानकारी के अनुसार, इस मशीन की कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है। इसे संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम के तहत महाराष्ट्र को निशुल्क उपलब्ध कराया गया है। मशीन में एक साथ लगभग 2,500 किलोग्राम यानी 25 क्विंटल अनाज रखने की क्षमता है। स्वचालित व्यवस्था के कारण अनाज की तौल और वितरण में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा, जिससे निर्धारित मात्रा से कम अनाज मिलने जैसी शिकायतों पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।
मशीन से राशन प्राप्त करने के लिए लाभार्थी को पहले अपनी पहचान का सत्यापन कराना होगा। इसके लिए राशन कार्ड या आधार संख्या से संबंधित जानकारी और अंगूठे के निशान के माध्यम से जैविक पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सत्यापन सफल होने के बाद सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज पात्रता के अनुसार मशीन से अनाज बाहर निकलेगा। दावा है कि पूरी प्रक्रिया में लगभग 35 सेकंड का समय लगेगा।
मशीन की स्वचालित प्रणाली अनाज की तौल सुनिश्चित करेगी। इससे राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ने और कालाबाजारी की आशंका कम होने की उम्मीद है। तकनीक की मूल व्यवस्था एक बार में अधिकतम 50 किलोग्राम अनाज करीब पांच मिनट में वितरित करने में सक्षम बताई गई है। हालांकि, महाराष्ट्र में स्थापित मशीन की वास्तविक कार्यक्षमता और वितरण व्यवस्था स्थानीय संचालन प्रणाली पर निर्भर करेगी।
महाराष्ट्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत करीब 54 हजार उचित मूल्य की दुकानें लगभग 7.5 करोड़ लाभार्थियों को राशन उपलब्ध कराती हैं। ऐसे बड़े नेटवर्क में अनाज वितरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाना सरकार के सामने महत्वपूर्ण चुनौती है। अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम के विस्तार से राशन दुकानों पर भीड़ कम होने, समय की बचत और वितरण व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। अब इस योजना की सफलता और नियमित संचालन के आधार पर इसके राज्यव्यापी विस्तार पर नजर रहेगी।

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