श्रीनगर में में वोट चोरी के आरोपों पर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने, पुतला दहन के बाद बढ़ा तनाव
श्रीनगर में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर आमने-सामने आ गए। भाजपा महिला मोर्चा ने राहुल गांधी का पुतला फूंका।

श्रीनगर,एजेंसी। जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में सोमवार को भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव देखने को मिला। कांग्रेस मुख्यालय के सामने स्थित प्रताप पार्क में भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पुतला फूंका। इसके जवाब में कांग्रेस कार्यकर्ता भी पार्टी कार्यालय से बाहर आ गए और भाजपा तथा चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने से इलाके में तनाव की स्थिति बन गई, जिसके बाद पुलिस और सुरक्षाबलों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 12 बजे भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ता प्रताप पार्क पहुंचीं और कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी करने लगीं। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस पर चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी का पुतला जलाकर विरोध जताया और ‘एक कचौरी, दो समोसा, राहुल गांधी पर क्या भरोसा’ जैसे नारे लगाए।
प्रदर्शन के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय की ओर बढ़ने और घेराव करने की कोशिश की। हालांकि, मौके पर पहले से तैनात सुरक्षाकर्मियों, जिनमें महिला सुरक्षाकर्मी भी शामिल थीं, ने उन्हें सड़क पार करने से रोक दिया और वापस प्रताप पार्क की ओर कर दिया। सुरक्षा व्यवस्था के कारण भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस मुख्यालय तक नहीं पहुंच सकीं।
भाजपा के प्रदर्शन के बीच कांग्रेस कार्यकर्ता भी मुख्यालय के मुख्य द्वार से बाहर आ गए। उन्होंने ‘वोट चोर भाजपा’ और ‘भाजपा मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाते हुए पलटवार किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग को भी निशाने पर लिया और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा।
युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष यासीर मुंडू के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार पर जम्मू-कश्मीर में दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। मुंडू ने कहा कि जब कांग्रेस केंद्र सरकार के खिलाफ कश्मीर में प्रदर्शन का ऐलान करती है, तब उसके कार्यकर्ताओं को कई बार पार्टी मुख्यालय से बाहर निकलने तक नहीं दिया जाता। उन्होंने दावा किया कि ऐसे मौकों पर कार्यालय के बाहर कंटीले तार लगाए जाते हैं और बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किए जाते हैं।
मुंडू ने सवाल उठाया कि यदि कानून सभी राजनीतिक दलों के लिए समान है, तो भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं को कांग्रेस मुख्यालय की ओर बढ़ने से रोकने के लिए समान व्यवस्था क्यों नहीं अपनाई गई। उनके आरोपों पर भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
इसी बीच, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध जताते हुए सड़क पर उतरने का प्रयास किया, तो सुरक्षाकर्मियों ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें वापस पार्टी कार्यालय के भीतर कर दिया। इसके बावजूद कुछ समय तक नारेबाजी और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी रहे।
स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने हस्तक्षेप किया। महिला सुरक्षाकर्मियों की मदद से प्रदर्शनकारियों को वाहनों में बैठाकर मौके से रवाना किया गया। इसके बाद इलाके में स्थिति सामान्य करने के प्रयास किए गए। श्रीनगर में हुई इस घटना ने एक बार फिर भाजपा और कांग्रेस के बीच चुनावी प्रक्रिया तथा राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन को लेकर जारी टकराव को सामने ला दिया।



