आनंद विहार में महिला के घर से 43 मोबाइल बरामद, चोरी के फोन के नेटवर्क की जांच तेज

दिल्ली के आनंद विहार थाना पुलिस ने मोबाइल चोरी के मामले में रेशमा नामक महिला को गिरफ्तार कर उसके घर से 43 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनमें शिकायतकर्ता का चोरी हुआ फोन भी शामिल है।

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली स्टेट हेड

नई दिल्ली। दिल्ली के आनंद विहार इलाके में मोबाइल चोरी के मामले की जांच के दौरान पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार कर उसके घर से अलग-अलग कंपनियों के 43 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल में शिकायतकर्ता का चोरी हुआ फोन भी शामिल है। इतनी बड़ी संख्या में मोबाइल मिलने के बाद पुलिस चोरी के फोन की खरीद-फरोख्त और उन्हें दूसरे राज्यों में भेजने के संभावित नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई खुफिया सूचना के आधार पर की गई। पूरी कार्रवाई सहायक पुलिस आयुक्त पवन कुमार की निगरानी, शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा के पर्यवेक्षण और आनंद विहार थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष कुमार के नेतृत्व में हुई। पुलिस टीम में महिला उपनिरीक्षक रीना रानी, महिला उपनिरीक्षक स्नेहा, महिला सिपाही निशा और सिपाही रोहित भाटी शामिल थे।
मामले की शुरुआत 8 अक्टूबर को हुई, जब आनंद विहार थाने में मोबाइल फोन चोरी की ई-प्राथमिकी दर्ज कराई गई। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि चोरी हुआ मोबाइल जेजे कैंप निवासी रेशमा नामक महिला के पास है। सूचना में उसके घर पर अन्य चोरी के मोबाइल फोन होने की आशंका भी जताई गई थी।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गठित टीम ने महिला के घर पहुंचकर नियमानुसार तलाशी ली। इस दौरान पुलिस को 43 मोबाइल फोन मिले। पुलिस के मुताबिक, महिला बरामद फोन के स्वामित्व से संबंधित बिल या अन्य दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकी। इसके बाद सभी मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए और महिला को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान रेशमा ने कथित तौर पर अपने पति मोहम्मद तौफीक, भाई असलम और अन्य लोगों के साथ मिलकर आनंद विहार बस अड्डे तथा रेलवे स्टेशन पर मोबाइल चोरी की घटनाओं में शामिल होने की जानकारी दी। पुलिस इस बयान के आधार पर अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
जांच में यह आशंका भी सामने आई है कि चोरी किए गए मोबाइल फोन को बस, रेलगाड़ी और अन्य माध्यमों से पश्चिम बंगाल भेजकर बेचा जाता था। हालांकि, कथित नेटवर्क में शामिल लोगों, फोन की आपूर्ति और बिक्री से जुड़े तथ्यों की पुष्टि के लिए पुलिस आगे की जांच कर रही है।
पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन के वास्तविक मालिकों की पहचान करने में जुटी है। तकनीकी जांच और उपलब्ध कॉल विवरण अभिलेखों के विश्लेषण के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि फोन किन लोगों के हैं और क्या उनका संबंध अन्य चोरी के मामलों से भी है। पुलिस के अनुसार, जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button