2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर होगा प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और एसआईआर रोकने की मांग
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और एसआईआर प्रक्रिया पर रोक की मांग को लेकर 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।

नई दिल्ली,एजेंसी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया रोकने की मांग को लेकर गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी है। प्रदर्शन के आयोजन से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण समेत कई लोगों ने सोमवार को संसद मार्ग थाने पहुंचकर पुलिस को प्रस्तावित प्रदर्शन की सूचना दी और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं।
पुलिस को सूचना देने के लिए सोमवार दोपहर करीब तीन बजे पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में एआईएसए की अध्यक्ष नेहा बोरा, चुनाव विश्लेषक योगेंद्र यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, सामाजिक कार्यकर्ता निखिल डे और अन्य लोग शामिल रहे। आयोजकों ने बताया कि 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने तथा एसआईआर प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग प्रमुख रूप से उठाई जाएगी।
एआईएसए अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा कि प्रदर्शन की सूचना देने के लिए प्रतिनिधिमंडल संसद मार्ग थाने पहुंचा था। उन्होंने इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और एसआईआर रोकने की मांग दोहराई। आयोजकों ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाता सूची की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाते हुए एसआईआर पर रोक लगाने की मांग की है।
प्रदर्शन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर चुनाव प्रक्रिया के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया है। हालांकि, ये आरोप आयोजकों और प्रदर्शनकारियों के दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर ज्ञानेश कुमार को वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में दर्ज किया गया है।
यह प्रस्तावित प्रदर्शन ऐसे समय में सामने आया है जब 25 सितंबर को जंतर-मंतर के आसपास एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान 60 से अधिक लोगों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। पुलिस ने उस समय कहा था कि प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं ली गई थी और नई दिल्ली जिले में पांच या उससे अधिक लोगों के जमावड़े पर रोक संबंधी आदेश लागू था।
आयोजकों का कहना है कि 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के जरिए चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची और एसआईआर को लेकर अपनी आपत्तियां सार्वजनिक रूप से उठाई जाएंगी। पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद अब आयोजक प्रदर्शन की तैयारियों में जुट गए हैं।




