यूपीआईटीएस में दिखेगी उत्तर प्रदेश के उद्योग और उद्यमिता की वैश्विक ताकत: भूपेंद्र चौधरी
25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में होगा आयोजन, 2,400 से अधिक प्रदर्शक, 85 देशों से 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदार और 5 लाख से अधिक आगंतुकों के शामिल होने की उम्मीद

ग्रेटर नोएडा। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार शो का चौथा संस्करण प्रदेश के उद्यमियों, निर्माताओं, निर्यातकों और कारोबारियों को देश-विदेश के बाजारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। 25 से 29 सितंबर तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में होने वाले आयोजन में 2,400 से अधिक प्रदर्शकों, 1.5 लाख से अधिक व्यापारिक खरीदारों एवं आगंतुकों तथा 85 देशों के 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के शामिल होने की उम्मीद है।
पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है और प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां हैं। उन्होंने बताया कि आयोजन का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इस बार ऑस्ट्रिया, जापान, रूस, सिंगापुर, बेलारूस और वियतनाम साझेदार देशों के रूप में भाग लेंगे।
आयोजन में कृषि, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, हथकरघा, वस्त्र, स्वास्थ्य, पर्यटन, इंजीनियरिंग, नवीकरणीय ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों के उत्पाद और सेवाएं प्रदर्शित की जाएंगी। व्यापारिक खरीदारों और प्रदर्शकों के बीच सीधे संवाद, कारोबारी बैठक और निवेश संबंधी अवसर उपलब्ध कराने के लिए विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
इस बार ‘एक जिला, एक उत्पाद’ के साथ ‘एक जिला, एक व्यंजन’ को भी प्रमुखता दी जाएगी। इसके माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों की पारंपरिक पाक कला और स्थानीय व्यंजनों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। पांच दिवसीय आयोजन में ज्ञान सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम, फैशन शो और अन्य गतिविधियां भी होंगी।
आयोजकों के अनुसार, वर्ष 2025 के संस्करण में पांच लाख से अधिक आगंतुक और 2,228 प्रदर्शक शामिल हुए थे। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, उस संस्करण में 2,400 से अधिक समझौता ज्ञापन और 11,200 करोड़ रुपये से अधिक की कारोबारी पूछताछ दर्ज की गई थी। यूपीआईटीएस 2026 में डिजिटल मैचमेकिंग और पूर्व निर्धारित कारोबारी बैठकों के माध्यम से व्यापारिक संपर्क को और सुगम बनाने की व्यवस्था की गई है।




