कौशाम्बी में सियासी गर्मी तेज, इंद्रजीत सरोज के बयान पर वीरेंद्र फौजी का पलटवार

सचिन पांडेय/जिला ब्यूरो चीफ
कौशाम्बी,उत्तर प्रदेश। जिले की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर माहौल गरमाता नजर आ रहा है। सिराथू में समाजवादी पार्टी के बूथ स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान सपा के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज की ओर से दिए गए तीखे राजनीतिक बयान के बाद अब मंझनपुर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार फौजी की ओर से पलटवार किए जाने की बात सामने आई है। दोनों पक्षों की बयानबाजी के बीच जिले की सियासत में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होता दिखाई दे रहा है।
18 सितंबर को सिराथू में आयोजित सपा के एक दिवसीय बूथ स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में इंद्रजीत सरोज मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और प्रदेश के राजनीतिक-सामाजिक माहौल को लेकर कई तीखी टिप्पणियां कीं। कार्यक्रम में उनके पुत्र एवं सांसद पुष्पेंद्र सरोज भी मौजूद रहे। इंद्रजीत सरोज के संबोधन के बाद राजनीतिक हलकों में उनके बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई।
इसी राजनीतिक माहौल के बीच नगर पालिका परिषद मंझनपुर के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार फौजी की ओर से जवाबी तेवर सामने आने की बात कही जा रही है। उनके पलटवार को स्थानीय राजनीतिक गलियारों में इंद्रजीत सरोज के बयान की प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, वीरेंद्र फौजी के कथित बयान की विस्तृत और स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से नहीं हो सकी है, इसलिए उनके बयान से जुड़े दावों को उसी रूप में देखा जाना चाहिए।
कौशाम्बी की राजनीति में इंद्रजीत सरोज और उनके पुत्र पुष्पेंद्र सरोज की राजनीतिक मौजूदगी महत्वपूर्ण रही है। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में पुष्पेंद्र सरोज ने कौशाम्बी सीट से जीत दर्ज की थी। उपलब्ध चुनावी रिपोर्टों के अनुसार, इससे पहले इंद्रजीत सरोज लंबे समय तक मंझनपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और वर्तमान में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं।
दूसरी ओर, वीरेंद्र कुमार फौजी मंझनपुर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष हैं। वर्ष 2024 की स्थानीय राजनीतिक रिपोर्टों में उन्हें भाजपा के टिकट पर निर्वाचित नगर पालिका अध्यक्षों में शामिल बताया गया था।
ताजा घटनाक्रम ने कौशाम्बी की स्थानीय राजनीति में एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। एक ओर सपा नेताओं की ओर से सरकार और विपक्षी राजनीति को लेकर तीखे बयान सामने आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा से जुड़े स्थानीय जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रियाएं भी राजनीतिक माहौल को गरमा रही हैं। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की ओर से बयानबाजी किस दिशा में जाती है, यह स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा।




