झारखंड में आरटीआई एक्टिविस्ट निकला हथियारों का सौदागर,अवैध गन फैक्ट्री में राइफल और पिस्टल का जखीरा बरामद
झारखंड के गोड्डा जिले में एक आरटीआई एक्टिविस्ट हथियारों का सौदागर निकला। खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने उसकी अवैध गन फैक्ट्री पर रेड मार कर इसका खुलासा कर दिया।

गोड्डा,झारखंड। गोड्डा जिले में बिहार एसटीएफ और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने महगामा थाना क्षेत्र के घाट बलिया गांव में एक मकान पर छापेमारी कर कथित अवैध हथियार निर्माण के ठिकाने का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान मकान से हथियार, कारतूस और हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनें व अन्य सामान बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में पवन कुमार तुरी को मुख्य आरोपी बताया गया है। ग्रामीण स्तर पर उसकी पहचान समाजसेवी और आरटीआई कार्यकर्ता के रूप में होने की बात कही गई है। महगामा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वरुण रजक के नेतृत्व में छह थानों की पुलिस ने करीब चार घंटे तक कार्रवाई की। पुलिस टीम ने मकान में एक कथित गुप्त कमरे का पता लगाया, जहां तक पहुंचने के लिए जेसीबी की मदद से दीवार तोड़ी गई।
पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान एक लोडेड राइफल, जिंदा कारतूस, पिस्टल, कई अर्धनिर्मित पिस्टल, हथियारों के निर्माण के लिए तैयार लोहे के फ्रेम, फरमा, लेथ और ड्रिल मशीन सहित अन्य सामान बरामद हुआ। बरामद सामान की मात्रा अधिक होने के कारण उसे थाने तक ले जाने के लिए ट्रैक्टर और पिकअप वाहन का इस्तेमाल करना पड़ा।
स्थानीय ग्रामीणों के हवाले से बताया गया है कि मकान में अक्सर तेज आवाज में फिल्मी गाने बजते थे। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी शोर की आड़ में मशीनों का इस्तेमाल कर हथियार तैयार किए जाते थे। यह भी बताया गया कि पवन लोगों को मशीनों के बारे में पत्तल बनाने की मशीन बताता था और सामाजिक आयोजनों में पत्तल वितरित कर अपनी सामाजिक छवि बनाए रखता था। इन दावों की पुलिस जांच कर रही है।
गोड्डा पुलिस के अनुसार, छापेमारी की भनक लगने के बाद पवन तुरी कार से कुछ हथियार लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उसके कुछ परिजनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। फरार आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
घटना के बाद इलाके में लंबे समय से कथित रूप से हथियार निर्माण का काम चलने की जानकारी सामने आने पर स्थानीय स्तर की पुलिस और खुफिया व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में किसी अधिकारी की ओर से लापरवाही की पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है और बरामद हथियारों तथा उपकरणों के स्रोत और संभावित नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।




