यमुनापार में पेड़ों की कटाई पर उठे सवाल, प्रीत विहार में पेड़ काटने से बिजली का खंभा टूटा

यमुनापार में बिल्डरों द्वारा धड़ल्ले से पेड़ों की अवैध कटाई हो रही है। वन विभाग, निगम व पुलिस पर मिलीभगत का आरोप है। पुलिस अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच में ढिलाई बरत रही है।

विवेक विहार सी ब्लाॅक में इसी जगह (बाएं) लगा था नीम का पेड़ (दाएं) जिसको बिल्डर ने कटवा दिया।

पूर्वी दिल्ली। यमुनापार के विभिन्न इलाकों में पेड़ों की कथित अवैध कटाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्रीत विहार थाना क्षेत्र में थाना परिसर से कुछ दूरी पर पीडब्ल्यूडी की सड़क किनारे लगे पुराने पीपल के पेड़ को रात के समय काटे जाने का मामला सामने आया है। पेड़ की टहनियां बिजली के तारों पर गिरने से क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और बिजली का खंभा भी टूट गया। इस दौरान वहां मौजूद एक सुरक्षा गार्ड बाल-बाल बच गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि विवेक विहार, प्रीत विहार, चांदबाग, मयूर विहार और आनंद विहार सहित यमुनापार के कई इलाकों में निर्माण कार्यों के लिए पेड़ों की कटाई की जा रही है। कुछ लोगों ने वन विभाग, नगर निगम और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया गया है कि विवेक सी ब्लॉक में एक नीम के पेड़ को कथित तौर पर चार लाख रुपये में काटे जाने की बात सामने आई है। इस मामले में विभागीय अधिकारियों की कथित मिलीभगत और रकम के लेन-देन के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित विभागों का पक्ष सामने आना बाकी है।
इधर प्रीत विहार डी ब्लॉक निवासी और अधिवक्ता आदित्य जैन ने पुलिस को दी लिखित शिकायत में बताया कि उनके पड़ोस में स्थित मकान संख्या डी-110 के बाहर कई वर्षों पुराना पेड़ था। उनके अनुसार 12 अगस्त की रात करीब दो बजे कुछ लोगों ने योजनाबद्ध तरीके से पेड़ काट दिया। वह घर में सो रहे थे। अचानक तेज आवाज सुनकर उनकी नींद खुली और बाहर आने पर उन्होंने पेड़ को कटा हुआ पाया।
शिकायत के मुताबिक पेड़ की टहनियां गिरने से बिजली के तार और खंभा टूट गया। घर के बाहर बैठे सुरक्षा गार्ड की जान भी बाल-बाल बची। पेड़ गिरने से मकान के बाहर लगा शेड और लोहे का जाल भी क्षतिग्रस्त हो गया। आसपास के लोगों के मौके पर पहुंचने के बाद पेड़ काटने वाले लोग वहां से फरार हो गए।
प्रीत विहार थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। शिकायतकर्ता ने पुलिस की जांच की गति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि घटना 12 अगस्त की है, लेकिन 21 अगस्त तक पेड़ काटने वालों की पहचान नहीं हो सकी है। उनका कहना है कि क्षेत्र में लगे कई सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग का बैकअप सीमित अवधि तक रहता है, ऐसे में समय रहते फुटेज सुरक्षित कर आरोपितों की पहचान करना जरूरी है।
मामले में संपत्ति मालिक सतीष सिंघल से उनका पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क किया गया। उन्होंने पेड़ कटवाने से साफ इनकार करते हुए कहा कि पेड़ उन्होंने नहीं कटवाया है।
पुलिस अब शिकायत, घटनास्थल और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों ने पेड़ों की कटाई के मामलों में संबंधित विभागों से प्रभावी कार्रवाई करने और सरकारी तथा सार्वजनिक स्थानों पर लगे पेड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

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