इंडोनेशिया में हिंदू त्योहार का अपमान करना पड़ा भारी, स्विट्जरलैंड के पर्यटक को एक साल की जेल
स्विट्जरलैंड के एक पर्यटक को इंडोनेशिया में हिंदू त्योहार 'न्योपी' का अपमान करने के आरोप में एक साल की जेल हुई है।

जकार्ता/एजेंसी। इंडोनेशिया के बाली में न्योपी पर्व के दौरान लागू धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रतिबंधों का उल्लंघन करने और सामाजिक माध्यम पर इसका वीडियो साझा कर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में स्विट्जरलैंड के नागरिक लुजियन एंड्रिन जग्रागेन को अदालत ने दोषी ठहराते हुए एक साल की सजा सुनाई है।
जानकारी के अनुसार, लुजियन एंड्रिन जग्रागेन ने न्योपी पर्व के दौरान एक वीडियो बनाया और उसे अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर साझा किया था। वीडियो में वह प्रतिबंधों के बावजूद समुद्र तट तक पहुंचता दिखाई दिया। उसने समुद्र तट के खाली होने को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी भी की थी। वीडियो में वह कथित तौर पर कहता सुनाई दिया कि वह समुद्र तट तक पहुंच गया है और उसे कोई पकड़ नहीं पाया। इसके बाद वीडियो सामाजिक माध्यम पर तेजी से प्रसारित हुआ और स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई।
वीडियो सामने आने के बाद बाली पुलिस ने जग्रागेन को गिरफ्तार कर लिया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि आरोपी की हरकत से बाली के लोगों की भावनाएं आहत हुईं और उनकी धार्मिक आस्था को ठेस पहुंची। उसके कृत्य से स्थानीय लोगों में आक्रोश भी पैदा हुआ।
जग्रागेन ने अदालत में अपने कृत्य पर खेद जताते हुए कहा कि वह न्योपी के दौरान लागू प्रतिबंधों की गंभीरता को पूरी तरह समझ नहीं पाया था। उसने कहा कि उसका उद्देश्य बाली की धार्मिक परंपरा या स्थानीय लोगों का अपमान करना नहीं था। आरोपी ने अपने कृत्य के लिए बाली के लोगों से माफी भी मांगी।
न्योपी बाली में मनाया जाने वाला वार्षिक हिंदू पर्व है, जिसे मौन दिवस के रूप में भी जाना जाता है। इस अवसर पर पूरे द्वीप में कई तरह की गतिविधियों पर 24 घंटे के लिए प्रतिबंध रहता है। लोग मौन रखते हैं, ध्यान करते हैं और घरों में रहते हैं। इस दौरान सड़कें सुनसान रहती हैं और सामान्य जनजीवन पूरी तरह ठप हो जाता है। न्योपी के दौरान इंटरनेट का उपयोग सीमित किया जाता है, बाली का हवाई अड्डा बंद रहता है और बिजली के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लागू रहता है। ये नियम स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों पर भी लागू होते हैं और उनसे इन धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान करने की अपेक्षा की जाती है।
बाली प्रशासन न्योपी के दौरान सांस्कृतिक नियमों को सख्ती से लागू करता है। इन नियमों का उल्लंघन करने वाले विदेशी नागरिकों के खिलाफ हिरासत, जुर्माने या देश से निष्कासन जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
बाली में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या के बीच स्थानीय प्रशासन और निवासियों की ओर से पर्यटकों के अनुचित व्यवहार को लेकर चिंता भी जताई जाती रही है। ऐसे में स्थानीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं तथा नियमों के पालन पर प्रशासन विशेष जोर दे रहा है।




