चीनी की जमाखोरी पर प्रशासन का बड़ा शिकंजा,कीमतों और उपलब्धता को लेकर प्रशासन सतर्क, तहसीलवार जांच टीमें गठित

सचिन पांडेय/जिला ब्यूरो चीफ
कौशाम्बी/उत्तर प्रदेश। जिले में चीनी की जमाखोरी और अनियमित रूप से स्टॉक रखने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर चीनी की उपलब्धता और स्टॉक की स्थिति पर निगरानी के लिए तहसीलवार जांच टीमें गठित कर दी गई हैं। प्रशासन का उद्देश्य बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाना है।
प्रशासनिक टीमों द्वारा अजुहा और भरवारी क्षेत्र में चीनी डीलरों एवं स्टॉकिस्टों के प्रतिष्ठानों पर औचक जांच की जा रही है। जांच के दौरान प्रतिष्ठानों में उपलब्ध चीनी के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। अधिकारियों द्वारा अभिलेखों में दर्ज स्टॉक और मौके पर उपलब्ध मात्रा का मिलान भी किया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 30 दिन से अधिक का स्टॉक रखने वाले डीलरों और स्टॉकिस्टों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। जांच के दौरान स्टॉक में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सभी संबंधित व्यापारियों के लिए प्रत्येक शुक्रवार अपने स्टॉक की ऑनलाइन घोषणा करना अनिवार्य किया गया है। प्रशासन द्वारा ऑनलाइन घोषित स्टॉक की जानकारी का नियमित रूप से सत्यापन किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्टॉक की वास्तविक स्थिति और घोषित विवरण में अंतर पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि चीनी की जमाखोरी, कालाबाजारी अथवा उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान करने वाले व्यापारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को बाजार की स्थिति पर लगातार नजर रखने और किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन की इस सख्ती का मुख्य उद्देश्य जिले में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना, उपभोक्ताओं को उचित दर पर चीनी उपलब्ध कराना तथा जमाखोरी और कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगाना है।




