मीरा-भायंदर में घर, सोसायटी और सड़क पर बकरों की कुर्बानी पर रोक, मांस विक्रेताओं के लिए एनओसी अनिवार्य
मीरा भायंदर नगर निगम ने हाउसिंग सोसायटियों, घरों, दुकानों और सार्वजनिक सड़कों पर बकरियां रखने और कुर्बानी देने पर रोक लगा दी है। सत्ताधारी बीजेपी ने यह प्रस्ताव पारित किया। इसके पीछे धार्मिक आयोजनों के दौरान लोगों के बीच बार-बार होने वाले विवादों का हवाला दिया गया।

ठाणे/महाराष्ट्र। मुंबई से सटे ठाणे जिले के मीरा-भायंदर नगर निगम ने बकरों की कुर्बानी और मांस बिक्री को लेकर नए नियम लागू करने का फैसला किया है। नगर निगम के सत्तारूढ़ भाजपा सदस्यों की ओर से मंगलवार को पारित प्रस्ताव के अनुसार अब हाउसिंग सोसायटियों, घरों, दुकानों और सड़कों पर बकरों को रखने तथा उनकी कुर्बानी देने पर रोक रहेगी। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर आवारा पशुओं को खाना खिलाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
नगर निगम ने प्रस्ताव में धार्मिक आयोजनों के दौरान बार-बार होने वाले विवादों और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का हवाला दिया है। करीब चार महीने पहले मीरा रोड की एक हाउसिंग सोसायटी में कुर्बानी के लिए 40 से 50 बकरे लाए जाने के बाद कथित तौर पर सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया था। इसके बाद हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। घटना के बाद नगर निगम अधिकारियों ने बकरों को रखने के लिए बनाए गए अस्थायी ढांचों को हटा दिया था।
नए प्रस्ताव के तहत सभी मांस विक्रेताओं के लिए नगर निगम से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य किया गया है। बिना अनापत्ति प्रमाणपत्र के या खुले स्थान पर मांस की बिक्री करने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है।
प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि मांस विक्रेता सड़क से दिखाई देने वाली जगह पर मांस या पशुओं के अंगों का प्रदर्शन नहीं कर सकेंगे। दुकानों में धुंधले या रंगीन शीशे लगाना अनिवार्य होगा, ताकि बाहर से मांस दिखाई न दे। नियमों का पहली बार उल्लंघन करने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। बार-बार नियम तोड़ने पर संबंधित दुकान का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द करने के साथ आपराधिक मामला दर्ज करने का प्रावधान भी किया गया है।
नगर निगम के प्रस्ताव में सड़कों, सार्वजनिक चौराहों, स्कूलों, अस्पतालों और खेल मैदानों में आवारा पशुओं को खाना खिलाने पर भी रोक लगाई गई है। अब लोगों को पशुओं को केवल नगर निगम की ओर से निर्धारित स्थानों पर ही खाना खिलाने की अनुमति होगी।
नगर निगम का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखना, यातायात और कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को नियंत्रित करना तथा धार्मिक आयोजनों के दौरान होने वाले विवादों को रोकना है। नए प्रावधानों के लागू होने के बाद मांस विक्रेताओं और पशु रखने वालों को नगर निगम के निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।



