मुंबई के शिवाजी पार्क में बिना अनुमति प्रदर्शन पर अभिजीत दिपके समेत 500 सीजेपी समर्थकों पर एफआईआर
अभिजीत दिपके की अगुवाई वाली कॉकरोच जनता पार्टी की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। शिवाजी पार्क में बिना इजाजत के विरोध-प्रदर्शन करने को लेकर मुंबई पुलिस ने करीब 400 से 500 अज्ञात समर्थक और प्रदर्शनकारी पर केस दर्ज किया है। इस पर अभिजीत दिपके ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

मुंबई,एजेंसी। मुंबई के शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर को आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन को लेकर मुंबई पुलिस ने आयोजकों समेत करीब 400 से 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई थी, इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग शिवाजी पार्क क्षेत्र में एकत्र हुए और नारेबाजी की। मामले में फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक मामला शिवाजी पार्क थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 189 और 223 तथा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धाराओं 37(1)(3) और 135 के तहत दर्ज किया गया है। प्राथमिकी एक स्थानीय निवासी की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई। शिकायत में प्रदर्शन के दौरान बिना अनुमति बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने और पुलिस के निर्देशों की कथित अवहेलना का उल्लेख किया गया है।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके के नेतृत्व में यह प्रदर्शन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर अपनी आपत्तियां और आरोप सामने रखे। रॉयटर्स के अनुसार, सीजेपी ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। चुनाव आयोग और सरकार की ओर से इन आरोपों को स्वीकार किए जाने की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं है।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में युवा और अन्य समर्थक शिवाजी पार्क क्षेत्र में पहुंचे। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी और कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई। महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री पंकज भोयर के अनुसार, पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शन स्थल पर कड़ी निगरानी रखी।
प्रदर्शन में कुछ सार्वजनिक हस्तियां भी शामिल हुईं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अभिनेता शबाना आजमी, नसीरुद्दीन शाह और संगीतकार विशाल ददलानी समेत कई लोगों की मौजूदगी रही। इन लोगों ने मतदान के अधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।
एफआईआर दर्ज होने के बाद अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके खिलाफ और मामले दर्ज किए जाएं, लेकिन उनका आंदोलन जारी रहेगा। दिपके ने प्रदर्शन को लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से जोड़ते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई।
मुंबई पुलिस की कार्रवाई के बाद अब पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस प्रदर्शन में शामिल लोगों और आयोजकों की भूमिका की जांच कर रही है तथा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




