लीना मणिमेकलाई की डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘काली’ पर साधु-संतों ने जताई आपत्ति,न्यू उस्मानपुर थाने में सौंपा ज्ञापन

उत्तर-पूर्वी दिल्ली। निर्देशक लीना मणिमेकलाई की डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘काली’ पर विवाद लगातार बढ़ रहा है। अब इसके विरोध में देश के साधु-संत भी आने लगे हैं।उत्तर-पूर्वी दिल्ली के न्यू उस्मानपुर थाने में संत महामंडल के महामंत्री महंत नवल किशोर दास और अन्य संतों ने इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा कि फिल्म की निर्देशक और अभिनेत्री के खिलाफ ज्ञापन सौंपकर उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया है।
महंत नवल किशोर दास ने कहा कि आए दिन हिंदू देवी-देवताओं और हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाया जा रहा है। एक बार फिर भारतीय फिल्ममेकर लीना मणिमेकलाई ने अपनी डॉक्यूमेंट्री का एक पोस्टर रिलीज किया है, जिसमें मां काली को धूम्रपान करते हुए दिखाया गया है। उनकी एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे हाथ में एलजीबीटी का झंडा भी है। इससे हिंदू आस्था को ठेस पहुंची है।इसी के खिलाफ हमने न्यू उस्मानपुर थाना अध्यक्ष के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है।
बॉलीवुड सिनेमा में कई ऐसी फिल्में हैं, जो रिलीज से पहले धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप झेल चुकी हैं।कुछ दिनों पहले, फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ का ट्रेलर रिलीज हुआ था, जिसमें रणबीर कपूर मंदिर के अंदर जूते पहनकर जाते दिख रहे हैं। इस सीन की वजह से सोशल मीडिया पर लोग काफी भड़क गए थे।




