वैज्ञानिक की नौकरी छोड़कर यूपीएससी में हासिल की सफलता, अब पीएमओ में प्रधानमंत्री की निज सचिव बनीं निधि तिवारी

पूर्व वैज्ञानिक निधि तिवारी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निजी सचिव नियुक्त किया गया है। उन्होंने यूपीएससी में 96वीं रैंक हासिल कर भारतीय विदेश सेवा में प्रवेश किया और विदेश मंत्रालय से पीएमओ तक का सफर तय किया।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निजी सचिव नियुक्त की गईं निधि तिवारी का प्रशासनिक सेवा तक पहुंचने का सफर संघर्ष, दृढ़ संकल्प और सफलता की मिसाल है। उत्तर प्रदेश की मूल निवासी निधि तिवारी ने वैज्ञानिक की प्रतिष्ठित नौकरी छोड़कर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा की तैयारी की और सफलता हासिल कर भारतीय विदेश सेवा (IFS) में जगह बनाई। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और अब प्रधानमंत्री की निजी सचिव के रूप में नियुक्त हुई हैं।
निधि तिवारी ने अपनी स्कूली शिक्षा और स्नातक की पढ़ाई उत्तर प्रदेश में पूरी की। इसके बाद उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से बायोकेमिस्ट्री में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की। पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद उनका चयन देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थान भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) में वैज्ञानिक के पद पर हुआ।
बीएआरसी में वैज्ञानिक के रूप में करियर शुरू करने के बावजूद निधि तिवारी का लक्ष्य सिविल सेवा में जाने का था। इसी सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने वर्ष 2008 में बीएआरसी की स्थायी और प्रतिष्ठित नौकरी छोड़ने का कठिन फैसला लिया और पूरी तरह यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुट गईं।
यूपीएससी की राह में भी उन्हें शुरुआती दौर में असफलता का सामना करना पड़ा। वर्ष 2012 की सिविल सेवा परीक्षा में उनका नाम वेटिंग लिस्ट में आया। इसके बावजूद उन्होंने तैयारी जारी रखी और प्रयास नहीं छोड़ा। आखिरकार वर्ष 2013 की सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 96 हासिल की। इस सफलता के बाद उनका चयन भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के लिए हुआ और वह 2014 बैच की अधिकारी बनीं।
भारतीय विदेश सेवा में आने के बाद निधि तिवारी ने विदेश मंत्रालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। उन्होंने निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों से जुड़े विभागों में काम किया। विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में उनके अनुभव ने आगे उनके प्रशासनिक करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नवंबर 2022 में निधि तिवारी ने प्रधानमंत्री कार्यालय में अंडर सेक्रेटरी के रूप में कार्यभार संभाला। बाद में उन्हें डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर पदोन्नत किया गया। पीएमओ में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों पर काम किया। इस दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ भी उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर कार्य किया।
वैज्ञानिक के रूप में सुरक्षित करियर छोड़कर यूपीएससी की चुनौती स्वीकार करने से लेकर भारतीय विदेश सेवा और प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचने वाली निधि तिवारी की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा का उदाहरण मानी जा रही है। उनकी यात्रा यह संदेश देती है कि लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प और लगातार प्रयास के बल पर करियर की दिशा बदली जा सकती है और कठिन से कठिन मुकाम हासिल किया जा सकता है।

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