विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत अनूपपुर में कार्यशाला आयोजित, मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर दिया गया विशेष जोर
अनूपपुर में विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत आयोजित कार्यशाला में जन्म से 6 माह तक केवल स्तनपान कराने और जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

सुमिता शर्मा/जिला ब्यूरो चीफ
अनूपपुर/मध्य प्रदेश। विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर महिला एवं बाल विकास परियोजना अनूपपुर द्वारा जनपद पंचायत बदरा में जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती संजीत भगत के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें परियोजना अंतर्गत समस्त पर्यवेक्षक एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान परियोजना अधिकारी सुश्री सीमा गान्जू ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक वर्ष 1 अगस्त से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य आमजन, विशेष रूप से गर्भवती एवं धात्री माताओं के बीच स्तनपान के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ाना है।
उन्होंने बताया कि नवजात शिशु को जन्म के तुरंत बाद मां का पहला पीला गाढ़ा दूध, जिसे ‘कोलोस्ट्रम’ कहा जाता है, अवश्य पिलाना चाहिए, क्योंकि यह शिशु के लिए अमृत के समान होता है और उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जन्म से लेकर 6 माह तक शिशु को केवल स्तनपान ही कराया जाना चाहिए और इस दौरान पानी, घुट्टी या कोई भी बाहरी आहार नहीं देना चाहिए।
सुश्री गान्जू ने आगे बताया कि 6 माह के बाद बच्चों को पूरक आहार के साथ-साथ 2 वर्ष या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखना चाहिए, जिससे शिशु के समुचित शारीरिक एवं मानसिक विकास में सहायता मिलती है।
कार्यशाला में उपस्थित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया कि वे स्तनपान से संबंधित जागरूकता संदेश गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं उनके परिवारजनों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएं तथा गांव-गांव में इस विषय पर जनजागरूकता गतिविधियां संचालित करें।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं को “सिर्फ और सिर्फ स्तनपान” को बढ़ावा देने के लिए शपथ दिलाई गई। साथ ही उन्हें निर्देश दिए गए कि वे इस शपथ को अपने-अपने क्षेत्रों में हितग्राहियों के बीच भी दोहराएं, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इस महत्वपूर्ण संदेश को पहुंचाया जा सके।





