महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस और समाज के बीच सहभागिता बढ़ाने पर जोर, गाजियाबाद में एमवीएफ सम्मेलन

गाजियाबाद ब्यूरो। महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर कमिश्नरेट गाजियाबाद पुलिस ने रविवार को नंदग्राम थाना क्षेत्र स्थित क्राइस्ट यूनिवर्सिटी में महिला वालंटियर फोर्स (एमवीएफ) सम्मेलन का आयोजन किया। पुलिस आयुक्त की मौजूदगी में आयोजित सम्मेलन का उद्देश्य महिलाओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, अनुभवों और सुझावों को समझना तथा महिला सुरक्षा के लिए पुलिस और समाज के बीच समन्वय को मजबूत करना रहा।
सम्मेलन में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं यातायात, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मुख्यालय एवं अपराध के साथ सभी जोनल पुलिस उपायुक्त, अपर पुलिस उपायुक्त और सहायक पुलिस आयुक्तों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा से जुड़े स्थानीय मुद्दों पर संवाद के साथ महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई।
पुलिस के अनुसार, एमवीएफ पहल के तहत समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय और जागरूक महिलाओं को नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। डॉक्टर, अधिवक्ता, शिक्षिकाएं, समाजसेवी, परामर्शदाता, उद्यमी, गृहिणियां और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी महिलाएं अपने-अपने क्षेत्रों में महिला सुरक्षा तथा जागरूकता से संबंधित गतिविधियों में सहयोग करेंगी।
इस पहल के तहत महिलाओं को अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे साझा करने के लिए मंच उपलब्ध कराने, स्थानीय स्तर पर महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की पहचान कर उन्हें पुलिस तक पहुंचाने तथा महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों और उपलब्ध पुलिस एवं सहायता सेवाओं की जानकारी देने पर जोर दिया गया। साथ ही साइबर अपराध, ऑनलाइन उत्पीड़न, सामाजिक माध्यमों के सुरक्षित इस्तेमाल और डिजिटल सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की योजना भी बताई गई।
कमिश्नरेट के विभिन्न थाना क्षेत्रों से चिन्हित महिला वालंटियर्स अपने-अपने इलाकों में महिलाओं से संवाद स्थापित करेंगी और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं तथा आवश्यकताओं को पुलिस तक पहुंचाने में सहयोग करेंगी। आवश्यकता पड़ने पर महिलाओं को संबंधित पुलिस इकाई, परामर्श सेवाओं और अन्य सहायता तंत्र से जोड़ने में भी वालंटियर्स की भूमिका तय की गई है।
पुलिस के मुताबिक, विद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य संस्थानों में महिला एवं बालिका सुरक्षा से जुड़ी जागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ महिलाओं को साइबर ठगी, फर्जी सामाजिक माध्यम प्रोफाइल, ऑनलाइन उत्पीड़न, निजी जानकारी के दुरुपयोग और अन्य डिजिटल अपराधों के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महिला सुरक्षा को केवल किसी घटना के बाद कार्रवाई तक सीमित रखने के बजाय समुदाय के स्तर पर जागरूकता, संवाद और सहयोग के माध्यम से सुरक्षा का वातावरण मजबूत करने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से एमवीएफ नेटवर्क को आगे भी विस्तार देने की योजना है। सम्मेलन में पुलिस और महिलाओं के बीच नियमित संवाद एवं समन्वय के माध्यम से समुदाय आधारित सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया।




