कॉमनवेल्थ गेम्स में अस्मिता डे ने रचा इतिहास, जूडो में भारत को दिलाया पहला स्वर्ण पदक

300 कमाई, कच्चा घर, संघर्ष, फिर पिता की मौत ने तोड़ा, कॉमनवेल्थ गेम्स में इतिहास रचनेवाले अस्मिता डे की कहानी रुला देगी

अगरतला/एजेंसी। त्रिपुरा की बेटी अस्मिता डे ने ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। यह पहली बार है जब भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स के जूडो स्पर्धा में गोल्ड मेडल हासिल हुआ है। अपनी इस ऐतिहासिक जीत के बाद अस्मिता भावुक हो गईं और अपने आंसू नहीं रोक सकीं। उन्होंने इस सफलता को अपने दिवंगत पिता को समर्पित किया।

23 वर्षीय अस्मिता डे ने महिलाओं की 48 किलोग्राम जूडो श्रेणी में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। त्रिपुरा के एक छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने वाली अस्मिता की यह उपलब्धि संघर्ष और दृढ़ संकल्प की मिसाल है।

अस्मिता ने बताया कि उनके पिता, जो एक साधारण साइकिल मैकेनिक थे, उनका सपना था कि वह अपनी बेटी को इस मुकाम पर देखें। महज सात महीने पहले उनके पिता का ब्रेन स्ट्रोक के कारण निधन हो गया। अस्मिता ने कहा कि वह अपनी जीत की खुशी अपने पिता के साथ साझा करना चाहती थीं, लेकिन अब वह उनके बीच नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि उनके पिता ने सीमित संसाधनों के बावजूद कभी भी उनकी जरूरतों में कमी नहीं आने दी। दिन में लगभग 300 रुपये कमाने वाले उनके पिता ने आर्थिक तंगी के बावजूद बेटी के सपनों को उड़ान दी। परिवार मिट्टी के घर में रहता था, लेकिन उनके पिता का हौसला बेहद मजबूत था।

अस्मिता के खेल जीवन में कई मुश्किलें भी आईं। एक समय घुटने की गंभीर चोट ने उनके करियर पर संकट खड़ा कर दिया था, लेकिन उनके पिता उन्हें इलाज के लिए दिल्ली ले गए और हर संभव प्रयास किया ताकि वह फिर से मैदान में लौट सकें।

पिछले वर्ष दिसंबर में पिता के अचानक निधन ने अस्मिता को गहरा आघात पहुंचाया। वह मानसिक रूप से टूट गई थीं, लेकिन उनकी मां ने उन्हें संभाला और दोबारा ट्रेनिंग शुरू करने के लिए प्रेरित किया। मां के प्रोत्साहन से उन्होंने अपने पिता के सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया।

इसके बाद अस्मिता भोपाल स्थित स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के प्रशिक्षण केंद्र लौटीं और कड़ी मेहनत के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी में जुट गईं। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता ने न केवल त्रिपुरा बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है।

CWG 2026: 'अस्मिता ने त्रिपुरा का नाम रोशन किया है,' जूडो खिलाड़ी की  ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीत के बाद मुख्यमंत्री ने कहा | MorungExpress |  morungexpress.com

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