कांवड़ यात्रा शुरू, मेरठ रेंज में सुरक्षा के कड़े इंतजाम; डीआईजी कलानिधि नैथानी खुद कर रहे निगरानी

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विश्व प्रसिद्ध कांवड़ यात्रा की शुरुआत हो गई है। कांवड़ यात्रा शुरू होते ही मेरठ रेंज के जिलों की मॉनिटरिंग शुरू हो गई है। डीआईजी कलानिधि नैथानी स्वयं जायजा ले रहे हैं।

मेरठ/उत्तर प्रदेश। सावन माह की शुरुआत के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा का आगाज हो गया है। हरिद्वार और गोमुख से गंगाजल लेकर श्रद्धालु मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद सहित विभिन्न मार्गों से होकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। सड़कों पर कांवड़ यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के इंतजाम किए हैं।
मेरठ रेंज के अंतर्गत आने वाले जिलों में कांवड़ यात्रा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। ट्रैफिक पुलिस ने डायवर्जन प्लान लागू कर दिया है, ताकि आम जनजीवन प्रभावित न हो और श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम बनी रहे। पूरे आयोजन की निगरानी स्वयं डीआईजी कलानिधि नैथानी कर रहे हैं।
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि कांवड़ यात्रा लगभग 28 प्रमुख मार्गों और करीब 970 किलोमीटर क्षेत्र में संचालित होती है। इसके लिए प्रारंभिक चरण में अन्य राज्यों के अधिकारियों, कांवड़ समितियों और शिविर आयोजकों के साथ समन्वय स्थापित करने हेतु बैठकें की गई हैं। पुलिस बल की तैनाती के लिए विस्तृत ड्यूटी चार्ट तैयार किया गया है, जिसमें मुख्यालय के अलावा इंटेलिजेंस और फायर सर्विस जैसी इकाइयों की भी भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए करीब 30 कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जिनमें सात बड़े और 22 छोटे कंट्रोल रूम शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी मॉनिटरिंग रूम भी बनाए गए हैं, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
यात्रा मार्ग पर एक अस्थायी थाना और लगभग 20 पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। इन चौकियों को श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के निर्देश दिए गए हैं। यहां क्यूआर कोड भी लगाए जाएंगे, जिन्हें स्कैन कर यात्री मार्ग, सुविधाओं और अन्य आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। प्रत्येक चौकी पर सहायता केंद्र बनाए गए हैं, जहां प्राथमिक उपचार की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी।
डीआईजी ने श्रद्धालुओं और आम जनता से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें और गति सीमा का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने पुलिस बल को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी सूचना पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और ड्यूटी के दौरान अनुशासन बनाए रखा जाए।
उल्लेखनीय है कि कलानिधि नैथानी 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उन्हें 2024 में डीआईजी पद पर पदोन्नति मिली है। वे लखनऊ, गाजियाबाद, बरेली, अलीगढ़, फतेहपुर, मिर्जापुर, कन्नौज, पीलीभीत और सहारनपुर सहित कई जिलों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वे मेरठ रेंज के डीआईजी के रूप में कार्यरत हैं।

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