बाड़मेर में तेल पाइपलाइन लीक होने से खेतों में फैला क्रूड ऑयल, कृषि भूमि को हुआ भारी नुकसान

बाड़मेर के बोथिया गांव में एक तेल पाइपलाइन से कच्चे तेल का भारी रिसाव हो गया, जो करीब 500 मीटर के दायरे में फैल गया। इस घटना से स्थानीय किसान दौलत राम, प्रेमाराम और फकीराराम के खेतों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। सूचना के बाद तेल आपूर्ति रोक दी गई और जेसीबी व टैंकरों के जरिए क्रूड ऑयल को हटाने का काम शुरू किया गया।

बाड़मेर/राजस्थान। बाड़मेर जिले के बोथिया गांव के पास एक बड़ा हादसा सामने आया, जहां क्षेत्र से गुजर रही एक प्रमुख तेल और गैस पाइपलाइन से अचानक कच्चे तेल का भारी रिसाव हो गया। पाइपलाइन से निकला तेल देखते ही देखते करीब 500 मीटर के दायरे में फैल गया, जिससे स्थानीय किसानों के खेतों और कृषि भूमि को व्यापक नुकसान पहुंचा है। यह पाइपलाइन भाग्यम वेल पैड-12 से बोथिया के पास स्थित मदर वेल पैड की ओर जा रही थी। स्थानीय किसानों द्वारा पाइपलाइन से रिसाव की जानकारी दिए जाने के तुरंत बाद इस मार्ग पर तेल की आपूर्ति को रोक दिया गया। सूचना मिलते ही तकनीकी इंजीनियरों और संबंधित कंपनी के अधिकारियों की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। हालांकि, मुख्य लाइन को बंद किए जाने के बावजूद पाइपलाइन के भीतर बचे हुए कच्चे तेल का रिसाव कुछ समय तक छोटी मात्रा में जारी रहा, जिससे खेतों में तेल जमा हो गया।
इस आकस्मिक रिसाव के कारण स्थानीय किसान दौलत राम, प्रेमाराम और फकीराराम की कृषि भूमि सीधे तौर पर प्रभावित हुई है। खेतों के एक बड़े हिस्से में कच्चे तेल की एक मोटी परत जमा हो गई है। पीड़ित किसान दौलत राम ने बताया कि इस रिसाव के कारण उनके एक खेत को गंभीर नुकसान पहुंचा है। उनके परिवार के पास कुल 100 बीघा के करीब कृषि भूमि है, लेकिन इस घटना के बाद तेल से दूषित हुआ हिस्सा खेती के लिहाज से पूरी तरह खराब हो गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी टीमों ने मौके पर राहत कार्य शुरू कर दिया है। तेल को और अधिक फैलने से रोकने के लिए एक जेसीबी मशीन की मदद से प्रभावित क्षेत्र में गड्ढा खोदा गया, ताकि क्रूड ऑयल को एक जगह सीमित किया जा सके। इसके साथ ही, खेतों में जमा हुए तेल को सुरक्षित रूप से वहां से हटाने और निस्तारण के लिए विशेष टैंकरों को काम पर लगाया गया है।
बाड़मेर में तैनात तेल कंपनी के एक अधिकारी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विशेषज्ञों की टीम रिसाव के सटीक बिंदु और इसके मुख्य कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। कंपनी द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘5 जुलाई 2026 को राजस्थान के भाग्यम में एक वेल-पैड साइट के पास तरल पदार्थ का रिसाव हुआ था। हमारी ऑपरेशंस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इसे एक सीमित दायरे में रोक दिया है। हम लगातार इस स्थल की निगरानी कर रहे हैं और पर्यावरण व समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।’
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इस क्षेत्र में पिछले पांच महीनों के भीतर यह इस तरह की दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले, इसी साल 23 फरवरी को बाड़मेर के कवास इलाके में ऐश्वर्या वेल पैड-08 के पास एक खेत में कच्चा तेल लीक हो गया था, जो लगभग चार बीघा कृषि भूमि पर फैल गया था। उस समय रिसाव को पूरी तरह से काबू करने में करीब पांच दिन का समय लगा था, जिसके कारण किसानों में पाइपलाइनों के रखरखाव को लेकर चिंता बनी हुई है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button