मिर्जापुर मंडलीय अस्पताल में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: हड्डी रोग विभाग में ऑपरेशन के नाम पर वसूली, वीडियो वायरल
मिर्जापुर के मंडलीय जिला चिकित्सालय में हड्डी रोग विभाग में बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है, जहां मरीजों से ऑपरेशन के नाम पर 5 हजार से 25 हजार रुपये तक अवैध वसूली के आरोप लगे हैं। डॉक्टरों द्वारा पर्ची पर पैसा लिखकर मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर भेजने और बिना पैसे इलाज न करने की शिकायतें सामने आई हैं। मामले से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जबकि लगातार शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

मिर्जापुर/उत्तर प्रदेश। प्रदेश में जारी भीषण गर्मी के बीच स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलने वाली एक बड़ी खबर मिर्जापुर से सामने आई है। मिर्ज़ापुर का बैरिस्टर युसुफ इमाम जिला चिकित्सालय जिसे मंडलीय अस्पताल का भी दर्जा प्राप्त है, वहां अव्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप एक बार फिर सुर्खियों में हैं।
प्रचंड गर्मी के चलते अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। बुखार, हीट स्ट्रोक, लू, बेचैनी और घबराहट से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मिर्जापुर के बैरिस्टर युसुफ इमाम मंडलीय जिला चिकित्सालय में न सिर्फ स्थानीय बल्कि सोनभद्र, भदोही और मध्य प्रदेश के रीवा, हनुमना व मऊगंज से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।
हालांकि, मेडिकल कॉलेज का दर्जा मिलने के बाद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की जो उम्मीद थी, वह अब टूटती नजर आ रही है। अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार और मनमानी के कारण व्यवस्थाएं लगातार सवालों के घेरे में हैं।
हड्डी रोग विभाग में रिश्वत का खेल
सूत्रों के अनुसार, अस्पताल के आर्थोपेडिक (हड्डी रोग) विभाग में बिना पैसे के मरीजों का ऑपरेशन नहीं किया जा रहा है। ऑपरेशन और इलाज के नाम पर मरीजों से 5 हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। आरोप है कि डॉक्टर पर्ची पर रकम लिखकर मरीजों को एक तयशुदा निजी मेडिकल स्टोर (साईं फार्मेसी) पर भेजते हैं, जहां से लेन-देन की प्रक्रिया पूरी कराई जाती है।
वीडियो वायरल, डॉक्टर पर आरोप
आर्थो विभाग में तैनात डॉ. राजकुमार से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें कथित रूप से पैसे लेने के बाद ऑपरेशन करने की बात सामने आई है। एक मामले में छोटे बच्चे के पैर में रॉड डालने के लिए परिजनों से निजी मेडिकल के जरिए रकम जमा कराई गई, जबकि एक अन्य मरीज से 7 हजार रुपये लेकर ऑपरेशन किए जाने का आरोप है।
लगातार शिकायतें, नहीं हो रही कार्रवाई
मंडलीय अस्पताल में डॉक्टरों की कार्यप्रणाली को लेकर प्रतिदिन उच्चाधिकारियों के समक्ष शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद आरोपी बेखौफ हैं और व्यवस्थाओं में सुधार के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं।
सरकारी अस्पताल में निजी वसूली पर सवाल
सरकारी अस्पताल में इस तरह की निजी वसूली का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और मरीजों को राहत कब तक मिलती है।

साईं फार्मेसी मेडिकल स्टोर संचालक

आर्थो विभाग में तैनात डॉ. राजकुमार




