स्वतंत्रता दिवस पर स्कूल में बांटे गए लड्डुओं को लेकर हंगामा, दो बच्चों की तबीयत बिगड़ी

स्वतंत्रता दिवस पर मल्लपुरा शासकीय स्कूल में बच्चों को बांटे गए लड्डुओं को लेकर हंगामा हो गया। कई बच्चों ने लड्डू जमीन पर फेंक दिए, जबकि दो बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

भिंड/मध्य प्रदेश। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अटेर क्षेत्र के मल्लपुरा शासकीय स्कूल में बच्चों को बांटे गए लड्डुओं को लेकर हंगामा हो गया। खराब लड्डू बांटे जाने के आरोप के बाद कई बच्चों ने उन्हें खाने के बजाय जमीन पर फेंक दिया। वहीं, कुछ बच्चों ने लड्डू खा लिए, जिनमें से दो की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जानकारी के अनुसार, 15 अगस्त को स्कूल परिसर में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया था। ध्वजारोहण के बाद स्कूल में मौजूद बच्चों को लड्डू वितरित किए गए और भोजन भी कराया गया। आरोप है कि बच्चों को दिए गए लड्डुओं की गुणवत्ता खराब थी। लड्डू देखने के बाद कई बच्चों ने उन्हें जमीन पर फेंक दिया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने भी लड्डुओं की गुणवत्ता को लेकर आपत्ति जताई।
लड्डुओं को लेकर स्कूल स्टाफ और ग्रामीणों के बीच काफी देर तक विवाद की स्थिति बनी रही। स्कूल परिसर में बच्चों और ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें जमीन पर लड्डू पड़े हुए दिखाई दे रहे हैं।
बताया गया कि कुछ बच्चों ने लड्डू खा लिए थे। इनमें से दो बच्चों की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों के मुताबिक, पहली कक्षा में पढ़ने वाले मनीष और उसका भाई अजीत लड्डू खाने के बाद अस्वस्थ हुए। अजीत स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में स्कूल पहुंचा था।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद मामला चर्चा में है। हालांकि, लड्डू वास्तव में खराब थे या उनकी गुणवत्ता में किसी प्रकार की गड़बड़ी थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल संबंधित अधिकारियों की ओर से मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
दो बच्चों के बीमार होने के बाद मामले की गंभीरता बढ़ गई है। अब यह जांच का विषय है कि बच्चों को वितरित किए गए लड्डू कहां तैयार किए गए थे और वितरण से पहले उनकी गुणवत्ता की जांच की गई थी या नहीं। प्रशासन की जांच के बाद ही लड्डुओं की गुणवत्ता और बच्चों की तबीयत बिगड़ने के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

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