60 की उम्र में मिला जीवनसाथी: तन्हाई से जूझ रहे दो बुजुर्गों ने रचाई शादी, दी नई शुरुआत का संदेश
मध्य प्रदेश के श्योपुर में 60 साल के घनश्याम मीणा ने राजस्थान की गौरा बाई से शादी रचाई है। दोनों हिंदू रीति-रिवाज से शादी की है। इस शादी की चर्चा पूरे इलाके में है।
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श्योपुर/मध्य प्रदेश। श्योपुर जिले में एक मार्मिक और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां तन्हाई से जूझ रहे दो बुजुर्गों ने जीवन के इस पड़ाव पर एक-दूसरे का सहारा बनते हुए विवाह कर नई शुरुआत की है। 60 वर्षीय घनश्याम मीणा और गौरा बाई मीणा ने यह साबित कर दिया कि उम्र चाहे जो भी हो, साथ और सम्मान की जरूरत कभी खत्म नहीं होती।
जानकारी के अनुसार, श्योपुर जिले के छोटा खेड़ा गांव निवासी घनश्याम मीणा और राजस्थान के बारां जिले के बोरदा गांव निवासी गौरा बाई मीणा की मुलाकात रामगढ़ माता मंदिर में हुई थी। प्रारंभिक बातचीत के बाद दोनों के बीच संवाद बढ़ा और एक-दूसरे के जीवन संघर्षों को जानने के बाद उन्होंने साथ रहने का निर्णय लिया।
गौरा बाई मीणा के पति का चार वर्ष पूर्व निधन हो गया था, जिसके बाद उन्हें पारिवारिक उपेक्षा, तानों और विवादों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि परिवार के बीच उन्हें वह सम्मान और अपनापन नहीं मिला जिसकी उन्हें अपेक्षा थी। वहीं, घनश्याम मीणा भी अपनी पत्नी के निधन के बाद अकेलेपन से गुजर रहे थे और जीवन में एक साथी की कमी महसूस कर रहे थे।
मंदिर में हुई मुलाकात धीरे-धीरे भावनात्मक जुड़ाव में बदल गई। दोनों ने एक-दूसरे के दुख-दर्द को समझा और जीवन के शेष सफर को साथ बिताने का निर्णय लिया। इसके बाद उन्होंने पहले कोर्ट मैरिज की और फिर हिंदू रीति-रिवाजों के साथ सात फेरे लेकर विवाह संपन्न किया। घनश्याम और गौरा बाई की यह शादी समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है कि जीवन में किसी भी उम्र में नई शुरुआत की जा सकती है। उनका यह कदम उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो तन्हाई में जीवन बिता रहे हैं और साथी की तलाश में हैं। यह कहानी बताती है कि सम्मान, अपनापन और साथ की भावना कभी बूढ़ी नहीं होती।



