नाले के पानी से नहाना, साबुन की जगह पत्थर का इस्तेमाल, झारखंड के इस गांव ने कभी देखा ही नहीं चापाकल
पाकुड़ जिले में गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत से हो रही परेशानी के लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गंभीरता से लिया है और जिले के उपायुक्त को कार्रवाई का निर्देश दिया है।

पाकुड़/झारखंड। झारखंड के संताल परगना प्रमंडल में अवस्थित पाकुड़ जिले से हैरान करने वाली एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें ग्रामीण नाले के पानी से नहाने के लिए मजबूर है। वहीं साबुन की जगह पत्थर का इस्तेमाल करते हैं और दावा किया जा रहा है इस गांव के कई लोगों ने आज तक चापाकल नहीं देखा है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस बात की जानकारी मिलने के बाद पाकुड़ के उपायुक्त को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है। जिसके बाद पाकुड़ के डीसी ने मुख्यमंत्री के बताया कि अमड़ापाड़ा प्रखंड अंतर्गत आलूबेड़ा पंचायत के बड़ाबांधकोई गांव में पेयजल समस्या से संबंधित मामले को त्वरित संज्ञान में लिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रखंड विकास पदाधिकारी, अमड़ापाड़ा और संबंधित विभाग को आवश्यक जांच और त्वरित समाधान के लिए निर्देशित किया गया है।
वायरल वीडियो के अनुसार अमड़ापाड़ा प्रखंड अंतर्गत आलूबेड़ा पंचायत के बड़ाबांधकोई गांव लोग आज भी नाले के पानी में नहाने को मजबूर है, वहीं नदी किनारे स्थित मौजूद छोटे-छोटे पत्थरों को अपने शरीर को घिसते हैं और गंदगी को हटाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिल्ली की सरकार दावा करती है कि उनकी ओर से हर घर तक नल से जल पहुंचाने का काम किया जा रहा है, लेकिन इस गांव में आज तक चापाकल भी नहीं पहुंच पाया। वहीं सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इसके लिए हेमंत सोरेन सरकार की नाकामी को जिम्मेवार ठहरा रहे हैं।




