आरपीएफ को टिकट चेक और जुर्माना लगाने का अधिकार नहीं, रेलवे ने किया क्लियर
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि आरपीएफ को यात्रियों के टिकट जांचने या बिना टिकट यात्रा पर जुर्माना लगाने का अधिकार नहीं है। टिकट जांच का अधिकार केवल टीटीई और टीसी के पास है, जबकि आरपीएफ सिर्फ उनकी सहायता कर सकती है। सोशल मीडिया पर चल रही इस संबंध में खबरों को रेलवे ने गलत बताया है।

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नई दिल्ली/एजेंसी। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के कर्मियों को यात्रियों के टिकट जांचने या बिना टिकट यात्रा करने पर जुर्माना लगाने का अधिकार नहीं है। वाराणसी मंडल के सहायक वाणिज्य प्रबंधक द्वारा जारी पत्र में इस संबंध में स्थिति साफ करते हुए सोशल मीडिया पर चल रही भ्रामक सूचनाओं का खंडन किया गया है।
रेलवे के अनुसार हाल के दिनों में यह खबरें प्रसारित हो रही थीं कि आरपीएफ को टिकट जांच और जुर्माना वसूलने का अधिकार दे दिया गया है, जबकि रेलवे बोर्ड की ओर से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ‘जन विश्वास अधिनियम’ के तहत भी आरपीएफ को टिकट जांच का अधिकार प्रदान नहीं किया गया है।
रेलवे ने बताया कि टिकट जांच का अधिकार केवल वाणिज्य विभाग के अधिकृत कर्मचारियों, जैसे टीटीई और टीसी, के पास है। आरपीएफ केवल उनकी सहायता कर सकती है, लेकिन स्वतंत्र रूप से टिकट चेकिंग नहीं कर सकती।
हालांकि, रेलवे ने यह भी कहा है कि रेलवे परिसर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नियमों के उल्लंघन के मामलों में आरपीएफ को कार्रवाई का अधिकार है। अनधिकृत प्रवेश, अवैध वेंडिंग, धूम्रपान और गंदगी फैलाने जैसी गतिविधियों पर आरपीएफ के अधिकारी नियमानुसार जुर्माना लगा सकते हैं। पहले ऐसे मामलों में आरपीएफ केवल मेमो बनाकर आरोपियों को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करती थी।
इस बीच टिकट जांच संगठन के महासचिव रितेश विशाल ने आरोप लगाया है कि कुछ स्थानों पर आरपीएफ जन विश्वास अधिनियम का हवाला देकर टिकट जांच कर रही है, जो नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि यदि आरपीएफ टिकट जांच करती है तो इसकी सूचना तत्काल स्टेशन के यात्री मित्र कार्यालय को दें।
उधर, रेलवे की सहायक कंपनी आईआरसीटीसी टिकट बुकिंग प्रणाली में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। जल्द ही वेबसाइट का नया बीटा वर्जन लॉन्च किया जाएगा, जिससे टिकट बुकिंग प्रक्रिया अधिक सरल और तेज हो सकेगी। नई व्यवस्था में अनावश्यक कैप्चा की आवश्यकता नहीं होगी और क्यूआर कोड व ओटीपी आधारित सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी। रेलवे और सीआरआईएस द्वारा इस नए सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए विभिन्न संस्थानों से सुझाव भी लिए जा रहे हैं।




