योगी का ‘बुलडोजर मॉडल’ अब जम्मू-कश्मीर में लागू, इल्तिजा बोली- ‘सुरक्षा के वादे पर चुनी सरकार लोगों को बेघर कर रही’
जम्मू के बाहु क्षेत्र में अतिक्रमण विरोधी अभियान पर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है, जिसमें पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने सरकार और वन विभाग पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस कार्रवाई को गरीबों को उजाड़ने की कोशिश बताया और इसे यूपी के 'बुलडोजर मॉडल' का जम्मू-कश्मीर में लागू होना करार दिया।

जम्मू/एजेंसी। जम्मू के बाहु क्षेत्र में चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान को लेकर अब राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ पीडीपी भी खुलकर मैदान में उतर आई है। पीडीपी नेता और महबूबा मुफ्ती की पुत्री इल्तिजा मुफ्ती ने बाहु क्षेत्र में चली अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई को लेकर सरकार और वन विभाग पर तीखा हमला बोला। प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचीं इल्तिजा मुफ्ती ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई केवल अवैध निर्माण हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि गरीब परिवारों को उजाड़ने की कोशिश है।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने वर्षों की मेहनत और कर्ज लेकर अपने घर बनाए, उन्हें बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बेघर कर दिया गया है। इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि कुछ दिन पहले भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने भी यहां आकर बयान दिया था कि यह क्षेत्र अवैध है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और नेशनल कांफ्रेंस के बीच अंदरूनी गठबंधन है, जिसके तहत वन विभाग बुलडोजर कार्रवाई कर रहा है।
उनका कहना था कि वन विभाग के अधिकारी सीधे सरकार के अधीन आते हैं और बिना राजनीतिक सहमति के इतनी बड़ी कार्रवाई संभव नहीं है।उन्होंने कहा कि यहां रहने वाले कई परिवारों ने मकान बनाने के लिए 20 से 40 लाख रुपये तक का कर्ज लिया है। एक महिला का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उसका बेटा पुलिस में है और परिवार ने लोन लेकर घर बनाया, लेकिन अब उनके सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है।
इल्तिजा ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी का बुलडोजर माडल अब जम्मू-कश्मीर में लागू किया जा रहा है, जबकि मौजूदा सरकार लोगों की सुरक्षा और सम्मान के वादे के साथ चुनी गई थी। उन्होंने वन मंत्री जावेद राणा से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने की मांग भी की।उन्होंने कहा कि वन मंत्री कहते हैं कि उन्हें इस कार्रवाई की कोई सूचना नहीं थी। अगर सच में मंत्री को इस बारे कोई जानकारी नहीं थी, तो उन्हें मंत्री पद पर बने रहने का भी कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित परिवारों के लिए तुरंत राहत व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को पानी के टैंकर और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि जब बेघर किए गए लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सरकार करे और इस कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाई जाए। इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि उनकी पार्टी प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है और इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया जाएगा।




