ग्राम सभा कुल्ली में विकास कार्यों में घोटाले के आरोप, जांच पर उठे सवाल
जिले से पहुंची टीम पर ग्रामीणों ने लगाया औपचारिकता निभाने का आरोप

सत्येंद्र शुक्ला,फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। जनपद के विकासखंड विजयीपुर स्थित ग्राम सभा कुल्ली में कराए गए विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार को लेकर ग्रामीणों की शिकायत पर जिले से पहुंची जांच टीम की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई और किसी से भी विस्तृत जानकारी नहीं ली गई। कुल्ली निवासी नरसिंह पुत्र धन नारायण ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर नाली, खड़ंजा, रिबोर, पेयजल, आवास, शौचालय, स्ट्रीट लाइट, तालाब और मनरेगा जैसी योजनाओं में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाया था। शिकायत में कहा गया कि कई कार्य धरातल पर हुए ही नहीं, जबकि फर्जी बिलों के जरिए धनराशि निकाल ली गई।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि मनरेगा के तहत ऐसे लोगों के जॉब कार्ड बनाए गए जो काम करने में सक्षम नहीं हैं, जबकि संपन्न और व्यवसाय करने वाले लोगों को भी लाभ दिया गया। वहीं आवास योजना में पक्के मकान वालों को लाभ देकर वास्तविक पात्रों को वंचित रखने का आरोप लगाया गया है। पंचायत भवन में सामग्री खरीद के नाम पर लाखों रुपये खर्च दिखाए गए, लेकिन मौके पर कोई सामान मौजूद नहीं मिला।
पूर्व जिलाधिकारी रविंद्र सिंह द्वारा गठित जांच टीम हाल ही में ग्राम सभा के बदनमऊ स्थित कंपोजिट विद्यालय पहुंची, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार टीम ने किसी से भी ठोस पूछताछ नहीं की। गुलाम नवी, गोविंद, रामबाबू, रामअवध फौजी, जिलाजीत, मकलूब हसन और नईम अहमद सहित कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि टीम ने न तो शिकायत से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा की और न ही मौके पर सत्यापन किया।
वहीं, जब पत्रकारों ने जांच टीम से इस संबंध में जानकारी लेनी चाही तो टीम के सदस्यों ने कोई स्पष्ट जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने केवल इतना कहा कि जांच प्रक्रिया अभी जारी है और निष्कर्ष आने में समय लगेगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके।




