जिल्दा सहकारी समिति में खाद घोटाले की आशंका,जांच में भारी गड़बड़ी उजागर
रिकॉर्ड और स्टॉक में बड़ा अंतर, रातों-रात भरे गए गोदाम पर ग्रामीणों का हंगामा

शोभित शर्मा,कोरिया/छत्तीसगढ़। जिले के जिल्दा ग्राम स्थित आदिम जाति सहकारी समिति में खाद भंडारण को लेकर बड़े घोटाले की आशंका सामने आई है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए, जिसमें प्रारंभिक स्तर पर ही करोड़ों रुपये की खाद गायब होने की आशंका जताई जा रही है।
सुशासन तिहार के दौरान की गई शिकायत के बाद प्रशासन ने समिति के चार गोदामों को सील कर जांच शुरू की। जब अधिकारियों की मौजूदगी में गोदाम खोले गए तो अंदर की स्थिति देखकर जांच टीम भी हैरान रह गई। तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कृषि और सहकारिता विभाग की संयुक्त टीम को रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर मिला।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जांच से ठीक पहले रातों-रात एक नए गोदाम, जो मनोरंजन भवन के रूप में उपयोग में था, उसमें खाद भरकर कमी को छिपाने का प्रयास किया गया। मौके पर बिखरी खाद और अव्यवस्थित भंडारण ने इन आरोपों को और बल दिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जहां रिकॉर्ड के अनुसार 71.5 मीट्रिक टन यूरिया होना चाहिए था, वहां मात्र करीब 54 मीट्रिक टन ही पाया गया। इसके अलावा डीएपी, पोटाश, एनपीके और एसएसपी खाद में भी भारी कमी दर्ज की गई है। अधिकारियों का कहना है कि वास्तविक स्थिति विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
कृषि विभाग के एसडीओ धनंजय सोनी के अनुसार खाद का भंडारण पूरी तरह अव्यवस्थित और नियमों के विपरीत पाया गया। विभिन्न प्रकार की खाद को बिना वर्गीकरण के एक साथ रखा गया था और कई जगह यूरिया व डीएपी मिश्रित अवस्था में मिले। गोदामों में भूसे की बोरियां भी पाई गईं, जिसे गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।
किसानों ने समिति प्रबंधन पर खाद की कालाबाजारी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हर सीजन में खाद की कमी बताई जाती थी, जबकि रिकॉर्ड में पर्याप्त स्टॉक दिखाया जाता रहा। इससे किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पाती थी। मामले में समिति प्रबंधक अखिलचंद सिंह फिलहाल संपर्क से बाहर हैं और उनका मोबाइल बंद बताया जा रहा है, जिससे संदेह और गहरा गया है। निरीक्षण के बाद प्रशासन ने गोदामों को दोबारा सील कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




