युद्ध के बीच ईरान का पड़ोसी देश ओमान बिजनेस बढ़ाने पहुंचा भारत, कई चीजों को ‘टैक्स फ्री’ करने की हुई बात

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ओमान के मंत्री से द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने पर चर्चा की। पश्चिमी एशिया में तनाव के बीच भारत-ओमान समग्र आर्थिक भागीदारी समझौते के तहत अवसरों पर जोर दिया गया। ओमान के खजूर और पेट्रोकेमिकल पर भारत शुल्क घटाएगा। यह समझौता दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली/एजेंसी। पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में जारी उथल-पुथल के बीच भारत और ओमान अपने व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को ओमान के वाणिज्य, उद्योग एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री एचई अनवर बिन हिलाल बिन हमदान अल जबरी के साथ द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने पर विस्तार से चर्चा की। इस अहम बातचीत के क्या मायने हैं और दोनों देशों के बीच व्यापार के मोर्चे पर क्या नया होने वाला है, आइए इसे समझते हैं।
ओमान सिर्फ खाड़ी देश ही नहीं, बल्कि ईरान का एक अहम समुद्री पड़ोसी है। दोनों देशों के बीच ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य हैं। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर इस टेलीफोनिक बातचीत की जानकारी देते हुए बताया कि चर्चा का मुख्य फोकस ‘भारत-ओमान समग्र आर्थिक भागीदारी समझौते के तहत अवसरों को बढ़ाना था। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को तेज गति देना है। गौरतलब है कि गोयल ने हाल ही में सऊदी अरब, यूएई, बहरीन और कुवैत जैसे अन्य खाड़ी देशों के व्यापार मंत्रियों से भी अहम बातचीत की है।
भारत और ओमान के बीच समग्र आर्थिक भागीदारी समझौते पर दिसंबर 2025 में मस्कट में हस्ताक्षर किए गए थे, हालांकि इसे अभी लागू होना बाकी है। यह समझौता दोनों देशों के निर्यातकों के लिए एक ‘गेम चेंजर’ साबित होने वाला है। समझौते के लागू होने पर भारत के 98 प्रतिशत निर्यात को ओमान में शुल्क-मुक्त (टैक्स फ्री) पहुंच मिलेगी। इसमें मुख्य रूप से भारतीय वस्त्र (टेक्सटाइल), कृषि उत्पाद और चमड़े के सामान शामिल हैं।

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