एसएएसबी की सख्त गाइडलाइन, बिना स्वास्थ्य प्रमाणपत्र जांच के नहीं मिलेगा बाबा अमरनाथ यात्रा का प्रवेश द्वार

श्री बाबा अमरनाथ यात्रा के लिए अग्रिम पंजीकरण शुरू होने से पहले श्रद्धालुओं में उत्साह है। सैकड़ों श्रद्धालु स्वास्थ्य प्रमाणपत्र बनवाने अस्पतालों में पहुंच रहे हैं, जो यात्रा के लिए अनिवार्य है। स्वास्थ्य विभाग यात्रा मार्ग पर बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने की तैयारी में जुटा है।
जम्मू/एजेंसी। श्री बाबा अमरनाथ की वार्षिक यात्रा के लिए बुधवार को शुरू हो रहे अग्रिम पंजीकरण से पहले श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर उत्साह है। हर दिन सैकड़ों श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर के विभिन्न अस्पतालों में स्वास्थ्य प्रमाणपत्र बनाने के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए तैयारी भी शुरू कर रहा है।
जम्मू-कश्मीर के सभी जिला और जिला जिला व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य प्रमाणपत्र बनाए जा रहे हैं। बाबा अमरनाथ की यात्रा के लिए स्वास्थ्य प्रमाणपत्र को अनिवार्य किया गया है। नोडल अधिकारी जम्मू डा. संजय का कहना है कि यह एक औपचारिकता नहीं है बल्कि श्रद्धालुओं की पूरी जांच के बाद ही ही उनके स्वास्थ्य प्रमाणपत्र बनाए जा रहे हैं। यात्रा मार्ग पर किसी को परेशानी न हो, इसी के चलते श्रद्धालुओं की जांच की जाती है।
जम्मू-कश्मीर के विभिन्न अस्पतालों में इस समय औसतन हर दिन तीन से चार सौ स्वास्थ्य प्रमाणपत्र बनाए जा रहे हैं।जम्मू शहर में गांधीनगर अस्पताल, सरवाल अस्पताल, उप जिला अस्पताल जगटी अौर राजीव गांधी अस्पताल में स्वास्थ्य प्रमाणपत्र बनाए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि वह पहले जत्थे में जाना चाहते हैं। इसीलिए पहले दिन बुधवार को ही एडवांस पंजीकरण करवा देंगे।
मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने भी की सुविधाओं की समीक्षा
वहीं स्वास्थ्य विभाग जम्मू लखनपुर से लेकर बनिहाल और स्वास्थ्य विभाग कश्मीर पूरे यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए लगातार समीक्षा कर रहा है। बुधवार को मुख्य सचिव अटल डुल्लू भी सुविधाओं की समीक्षा कर रहे हैं। डा. संजय का कहना है कि लखनपुर से लेकर बनिहाल तक पहले से ही मौजूद स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाएं बढ़ाई जाती है। इसके अतिरिक्त कुछ जगहों पर यात्रा के दौरान ही स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जाते हैं। इसकी लगातार समीक्षा हाे रही है। स्वास्थ्य निदेशक डा. अब्दुल हमीद जरगर स्वयं निरीक्षण कर रहे हैं।
वहीं कश्मीर में बालटाल और चंंदनवाडी में पहले से ही 100 बिस्तरों की क्षमता वाले अस्पतालों का निर्माण किया गया है। यात्रा शुरू होने से पहले ही यहां पर सुविधाएं शुरू कर दी जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग के एक उच्चाधिकारी ने बताया कि कश्मीर में बाबा अमरनाथ यात्रा के दौरान देश भर से डाक्टर डयूटी देने के लिए आते हैं। अभी समय है लेकिन जल्दी ही इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।गौररतलब है कि तीन जुलाई से शुरू हो रही बाबा अमरनाथ की यात्रा इस वर्ष 57 दिन की है।




