फर्रुखाबाद में दबंग प्रधान के चहेते ने सरकारी चक मार्ग पर किया कब्जा, किसान 4 साल से परेशान

फर्रुखाबाद जनपद के शमशाबाद ब्लॉक के गांव समसपुर में किसानों की राहें बंद हो गई हैं। ग्राम प्रधान के करीबी ने सरकारी चक मार्ग पर कब्जा कर नाली खोद दी है, जिससे खेतों तक पहुंचना असंभव हो गया है। किसान चार साल से अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन आदेशों के बावजूद रास्ता नहीं खुला। आरोप है कि लेखपाल और कानूनगो ग्राम प्रधान के दबाव में मिलीभगत कर नाप नहीं कर रहे और दबंगों को संरक्षण दे रहे हैं। किसान प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

फर्रुखाबाद/उत्तर प्रदेश। फर्रुखाबाद जनपद के शमशाबाद ब्लॉक के गांव समसपुर में किसानों की मुसीबतें चरम पर हैं। ग्राम प्रधान के करीबी व्यक्ति ने सरकारी चक मार्ग पर अवैध कब्जा कर लिया है और उस पर नाली खोद दी है। इस कारण किसानों का खेतों तक आना-जाना पूरी तरह बंद हो गया है।
किसानों का कहना है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है और उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं। वे पिछले चार साल से तहसील और जिला स्तर पर अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं मिला। दस्तावेजों के अनुसार, ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ सहित कई मौकों पर उच्च अधिकारियों ने चक मार्ग खुलवाने के आदेश दिए, मगर स्थानीय लेखपाल और कानूनगो ने दबंगई के आगे झुककर आदेशों की अनदेखी कर दी।
पीड़ित किसानों का आरोप है कि लेखपाल और कानूनगो ग्राम प्रधान के साथ मिलीभगत कर जानबूझकर चक मार्ग की नाप नहीं कर रहे हैं और दबंगों को संरक्षण दे रहे हैं। किसानों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि चक मार्ग से अवैध कब्जा हटाकर रास्ता खुलवाया जाए और आदेशों की अवहेलना करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
इस विवाद को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, जो बाद में जमकर मारपीट में बदल गई। मौके पर हंगामे और मारपीट से अफरा-तफरी मच गई। गांव में इस मुद्दे को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है और किसान प्रशासन से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। यह मामला अब बड़ी खबर बन गया है क्योंकि यह न केवल किसानों की आजीविका से जुड़ा है बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और दबंगई के गठजोड़ को भी उजागर करता है।

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