10वीं में फेल होने के बाद ईपीएस बने जगदीश बांगरवा, मेवाणी के आरोपों ने बढ़ाई मुश्किल, पूरे गुजरात में चर्चा
स्थानीय पत्रकार को हिरासत में लेकर पीटने और फिर उसके प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल भरने का आरोप

अहमदाबाद/एजेंसी। गुजरात के युवा आईपीएस जगदीश बांगरवा की कहानी हर एक ऐसे युवा के लिए प्रेरणास्रोत है जो एक असफलता पर हार मान बैठते हैं। इतना ही नहीं उलटा-पुलटा कदम उठा लेते हैं। वर्तमान में राजकोट शहर पुलिस में डीसीपी क्राइम की जिम्मेदारी संभाल रहे जगदीश बांगरवा 2019 बैच के आईपीएस है। वह 10वीं में फेल हो गए थे लेकिन इसके बाद यूपीएससी की परीक्षा पास की। जगदीश बांगरवा गुजरात में पिछले करीब तीन हफ्ते से चर्चा में है। इसकी वजह है कि डीसीपी क्राइम के तौर पर एक्शन मोड में हैं। पिछले दिनों उन्होंने एक डॉक्टर के क्लीनिक में हिडन कैमरा लगातार दूसरे डॉक्टर द्वारा महिला चिकित्सक के साथ निजी पलों का वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने में तगड़ी कार्रवाई की थी। उन्होंने 11 स्थानीय पत्रकारों/मीडियाकर्मी (दावे के अनुसार) पर भी केस दर्ज किया था, लेकिन इस घटना के बाद बांगरवा तब ज्यादा सुर्खियों में आए जब कांग्रेस के फायरब्रांड लीडर जिग्नेश मेवाणी ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
मीडियाकर्मी से ‘थर्ड डिग्री टॉर्चर’ में गंभीर कृत्य का आरोप
जिग्नेश मेवाणी ने एक वीडियो साझा किया और इसमें दावा किया कि राजकोट शहर पुलिस के डीसीपी जगदीश बांगरवा ने एक स्थानीय पत्रकार को हिरासत में लेकर पीटा और फिर उसके प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल भर दिया। मेवाणी ने यह दावा पीड़ित मीडियाकर्मी से अस्पताल में बातचीत के रिकॉर्डेड वीडियो के आधार पर किया। इस खुलासे के तूल पकड़ने पर एक और पक्ष सामने आया कि संबंधित मीडियाकर्मी के खिलाफ एक बिल्डर ने उगाही और ब्लैकमेल करने की शिकायत दी थी, लेकिन इसके बाद भी बांगरवा के एक्शन पर बहस छिड़ी हुई है कि क्या अपराधी को बिना जांच के सजा देने का यह सही तरीका है। जो भी हो जिग्नेश मेवाणी ने गुजरात के चुनावी माहौल के बीच एक्स पर एक नया चैलेंज फेंका है। मेवाणी ने इस मामले को कोली समाज के स्वाभिमान से जोड़ा है।
मेवाणी ने बांगरवा को दिया चैलेंज
मेवाणी ने लिखा है कि राजकोट के लोगों के लिए हमारा प्रतिनिधिमंडल अगले हफ्ते राज्य के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से मुलाकात करेगा। हमारी मांग है कि बांगरवा के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज किया जाए, क्योंकि उसने राजकोट के एक पूरी तरह से निर्दोष और सम्मानित व्यक्ति के साथ जो किया, वह बेहद निंदनीय है। मेवाणी ने आगे लिखा है कि इस मुलाकात के दौरान आरोपी अधिकारियों के सभी विकृत और अनैतिक कृत्यों को विस्तार से उनके सामने पेश किया जाएगा। मेवाणी ने आगे लिखा है कि और अगर बांगरवा सचमुच एक बहादुर इंसान का बेटा है, तो वह TRP गेमिंग जोन के असली दोषियों को गिरफ्तार करेगा, और शहर में चल रहे वेश्यालयों, शराब के अड्डों, जुए के अड्डों और गांजे के अड्डों को बंद करवाएगा। इस पूरे विवाद के सामने आने के बाद अभी तक जगदीश बांगरवा ने कोई प्रतिक्रिया साझा नहीं किया। प्रतिक्रिया मिलने पर उसे जोड़ा जाएगा।
14 सितंबर, 1995 को जन्में जगदीश बांगरवा गुजरात के युवा आईपीएस की बिग्रेड में प्रमुख चेहरा है। 30 साल के बांगरवा मूलरूप से राजस्थान के बाड़मेर के रहने वाले हैं। इस जिले में बायतू गांव है जो बांगरवा का जन्म स्थान है। 12 नवंबर 2024 को 2024 को देवउठनी एकादशी पर बांगरवा पेशे से डॉक्टर वंसुधरा सांगवान के साथ विवाह बंधन में बंधे थे। दोनों की शादी जोधपुर के एक रिजॉर्ट में हुई थी। बांगरवा ने सिविल सेवा परीक्षा 2018 में 486वीं रैंक हासिल की थी। कांग्रेस के वडगाम से विधायक जिग्नेश मेवाणी जहां बांगरवा को कठघरे में खड़ा रहे हैं तो वहीं एक वर्ग ऐसा भी है जो राजकोट में बांगरवा के साथ खड़ा है। ऐसे में बांगरवा एक तरफ जहां विवाद में घिरे हैं तो दूसरे वर्ग से सिंघम और हीरो के तौर पर प्रस्तुत किया जा रहा है। इस वर्ग की दलील है कि डीसीपी का उगाही करने वालों के खिलाफ एक्शन जायज है।





