बिकने जा रहा नोएडा का जीआईपी मॉल, जानिए क्यों आई ऐसी नौबत

- साल 2007 में बनकर तैयार हुआ था जीआईपी मॉल
- एक समय इसे देश का सबसे बड़ा मॉल कहा जाता था
- इसे 2 हजार करोड़ रुपये में बेचने की चल रही बात
- मॉल को बेचने के बाद रुपयों का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में होगा
नोएडा ब्यूरो। जीआईपी यानी द ग्रेट इंडिया प्लेस को अब बेचने की तैयारी है। ये मॉल बिकने जा रहा है। एक समय इसे देश का सबसे बड़ा मॉल कहा जाता था। यहां बड़ी संख्या में लोग शॉपिंग करने और घूमने आते हैं। इस मॉल में वंडर्स ऑफ वंडर के साथ मनोरंजन पार्क भी शामिल हैं। द ग्रेट इंडिया प्लेस को अप्पू घर ग्रुप और द यूनिटेक ग्रुप द्वारा डेवलेप किया गया था। इसका रख-रखाव एंटरटेनमेंट सिटी लिमिटेड द्वारा किया जाता है। यह नोएडा सेक्टर 18 मेट्रो स्टेशन से सटे सेक्टर 38-ए में स्थित है।
ईटी में छपी खबर के मुताबिक, एंटरटेनमेंट सिटी लिमिटेड के प्रमोटर जो नोएडा में द ग्रेट इंडिया प्लेस गार्डन्स गैलेरिया मॉल वर्ल्ड्स ऑफ वंडर एम्यूजमेंट पार्कऔर किडजानिया का संचालन करते हैं। अब पूरे 147 एकड़ के डेवलेपमेंट को बेचने की तैयारी कर रहे हैं। इसे करीब 2 हजार करोड़ रुपये में बेचने के लिए बातचीत चल रही है। यहां की खाली जमीन को नया खरीदार आगे चलकर डेवलेप कर सकता है। यहां अभी करीब 1.7 मिलियन वर्ग फुट क्षेत्र डेवलेप करने के लिए उपलब्ध है। जो भी खरीदार इसे खरीदेगा वो इस खाली जमीन का इस्तेमाल आवासीय या कमर्शियल बिल्डिंग बनाने के लिए कर सकता है। जानकारों के मुताबिक ये जगह एनसीआर की प्रमुख जगहों में से एक है।
जानकार बताते हैं कि मॉल पर अभी पंजाब नेशनल बैंक का करीब 800 करोड़ रुपयों का कर्ज है। अभी 85 फीसदी मॉल भरा हुआ है। इसे बेचने के बाद जो रुपये आएंगे उसका इस्तेमाल इस कर्ज को चुकाने के लिए किया जाएगा।जीआईपी मॉल साल 2007 में बनकर तैयार हुआ था। ये वो समय था जब इसे देश का सबसे बड़ा मॉल कहा जाता था। ये मॉल शुरू होने के बाद काफी पॉपुलर हुआ था। यहां बड़ी संख्या में लोग शॉपिंग करने आते थे। यहां पर कई कंपनियों की शॉप थीं। लेकिन साल 2016 से तस्वीर एकदम बदल गई। इस साल जीआईपी के ठीक सामने डीएलएफ मॉल ऑफ इंडिया लॉन्च हो गया। इसके बाद से जीआईपी की लोकप्रियता कम होती चली गई। यहां से कई कंपनियों के शोरूम भी चले गए। मॉल खाली होता चला गया। कोरोना काल में भी यहां से कई ब्रांडेड कंपनियों के शोरूम चले गए।
खबर के मुताबिक, जानकारों का कहना है कि मॉल और मनोरंजन पार्क दोनों अभी अच्छी तरह से चल रहे हैं। यहां पर अभी भी बड़ी संख्या में लोग घूमने और शॉपिंग करने आ रहे हैं। ये ऐसी प्रॉपर्टी नहीं है जो घाटे में चल रही हो। लेकिन अब प्रमोटर इसे और नहीं चलाना चाहते हैं। प्रमोटर अब इसे बेचने की सोच रहे हैं। इसके लिए वो लगातार बातचीत भी कर रहे हैं। जीआईपी जब शुरू हुआ था तब उसमें लोगों की काफी भीड़-भाड़ रहती थी। लेकिन धीरे-धीरे इसमें भीड़ कम होती चली गई। कोरोना काल के बाद से मॉल में कई ब्रांडेड शोरूम भी मॉल में दुकान बंद करके चलते गए।




