खड़गवां राशन दुकान की मनमानी उजागर: तय समय पर नहीं खुलती पीडीएस दुकान, हितग्राहियों ने खाद्य अधिकारी से की शिकायत
घंटों इंतजार के बाद भी नहीं मिला राशन, जिला खाद्य अधिकारी ने तत्काल जांच के दिए आदेश; समूह संचालन पर उठे गंभीर सवाल

शोभित शर्मा,खड़गवां/छत्तीसगढ़। खड़गवां मुख्यालय स्थित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) दुकान एक बार फिर अव्यवस्था और मनमानी को लेकर सुर्खियों में है। शासन द्वारा निर्धारित समय पर दुकान नहीं खुलने और मनचाहे समय पर संचालन किए जाने से हितग्राहियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। आरोप है कि दुकान संचालित करने वाला समूह नियमों को ताक पर रखकर अपनी सुविधा के अनुसार दुकान खोलता है, जिससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को समय पर राशन नहीं मिल पा रहा।
मंगलवार को इस मामले ने तब तूल पकड़ लिया जब हितग्राही अशोक कुमार लोधी राशन लेने दुकान पहुंचे, लेकिन काफी देर इंतजार करने के बाद भी दुकान नहीं खुली। हितग्राही दुकान संचालक के घर पहुंचे तो उन्होंने ने साफ तोर पर कहा कि एक आदमी के लिए दुकान थोडी खोलूंगा ये कहते हुए हितग्राही को वापस कर दिया हितग्राही परेशान होकर तुरंत जिला खाद्य अधिकारी और खाद्य निरीक्षक को मोबाइल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने बताया कि खड़गवां की पीडीएस दुकान लंबे समय से निर्धारित समय का पालन नहीं कर रही है, जिसके कारण कार्डधारकों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
शिकायत मिलते ही जिला खाद्य अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश जारी कर दिए। अधिकारी ने खाद्य निरीक्षक को मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति की जांच करने तथा दोषी पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
स्थानीय हितग्राहियों का कहना है कि दुकान के अनियमित संचालन से सबसे ज्यादा परेशानी दिहाड़ी मजदूर, बुजुर्ग और दूरदराज से आने वाले ग्रामीणों को हो रही है। कई बार लोग सुबह से लाइन लगाकर खड़े रहते हैं, लेकिन दुकान देर से खुलने या बंद मिलने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है। इससे शासन की गरीब हितैषी योजनाओं की मंशा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
शिकायतकर्ता अशोक कुमार लोधी ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी समूह संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में हितग्राहियों को समय पर राशन मिल सके और शासन की योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंचे।
सूत्रों की मानें तो यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है, तो संबंधित समूह पर नोटिस, निलंबन अथवा दुकान संचालन निरस्त जैसी बड़ी कार्रवाई भी हो सकती है। फिलहाल जांच के आदेश के बाद खड़गवां मुख्यालय में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस संबंध में खादय निरीक्षक से जानकारी चाही तो वो गोलमोल जवाब दी जबकि मनमाने समय पर खड़गवां मुख्यालय की पीडीएस दुकान खुलने की सूचना दी गई थी मगर खादय निरीक्षक ने कोई कार्यवाही नहीं की या कार्यवाही करने की जरूरत समझी।




