गोरखपुर में दिव्यांग हत्याकांड का पर्दाफाश, संपत्ति के लालच में जलाया था जिंदा

गोरखपुर,(उत्तर प्रदेश)। गोरखपुर में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। चाचा और सगे भाइयों ने दिव्यांग सुरेंद्र को जिंदा जलाकर मार डाला और इल्जाम गांव के प्रधान और उसके पति पर लगाने की कोशिश की। पुलिस ने जब मामले का खुलासा किया तो सच्चाई जानकर सभी सन्न रह गए।
प्रॉपर्टी हड़पने की नीयत से थी दिव्यांग की हत्या
चौरी चौरा थाना के देवीपुर गांव में रिश्तों को तार-तार कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां दिव्यांग की प्रॉपर्टी हड़पने के उद्देश्य से उसके चाचा और सगे भाइयों ने ही जिंदा जलाकर मार डाला और इसका इल्जाम गांव की महिला प्रधान और उसके पति पर लगा दिया। 31 जुलाई की रात हुई इस घटना के बाद पुलिस ने सभी बिंदुओं पर जांच शुरू की थी। घटना के खुलासे के बाद ग्रामीणों का कहना है कि आखिर कोई कैसे लालच में इस हद तक नीचे गिर सकता है कि एक असहाय अपने ही खून का इतनी बेरहमी से कत्ल कर सकता है?
31 जुलाई को पुलिस को सूचना मिली थी कि चौरी चौरा के देवीपुर गांव में एक दिव्यांग को जलाकर मार डाला गया है। सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। परिजन लगातार महिला ग्राम प्रधान और उसके पति पर हत्या करने का आरोप लगा रहे थे। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। चौरी चौरा के देवीपुर गांव के बाहर ग्राम समाज की जमीन है, जिस पर पिछले कुछ वर्षों से दिव्यांग सुरेंद्र के चाचा और उसके भाइयों का कब्जा है। इन लोगों ने जमीन पर कब्जे की नीयत से एक झोपड़ी डालकर वहां भैंस पाल रखी थी और भैंसों की देखरेख की जिम्मेदारी सुरेंद्र को दे रखी थी, ताकि दिव्यांग होने के नाते उसका कोई विरोध न कर सके।
बताया जा रहा है कि जल मिशन योजना के तहत उक्त भूमि पर पानी की टंकी लगनी थी, जिसका भूमि पूजन सोमवार को होना था। 1 दिन पहले जमीन की पैमाइश के दौरान महिला ग्राम प्रधान और उसके पति के साथ दिव्यांग सुरेंद्र यादव के चाचा रामजीत यादव और भाइयों का विवाद हुआ था। पुलिस के अनुसार, इसी बात का फायदा उठाते हुए परिजनों ने दिव्यांग के हिस्से की प्रॉपर्टी हड़पने की नीयत से खुद ही आधी रात के बाद झोपड़ी में सो रहे सुरेंद्र को जिंदा जलाकर मार डाला और इल्जाम प्रधान और उसके पति पर लगाते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने साक्ष्यों और ग्रामीणों से पूछताछ के आधार पर सभी बिंदुओं पर जांच शुरू की तो मामले का खुलासा इस तरह हुआ।
प्रॉपर्टी में हुई थी हत्या- पुलिस
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि प्रॉपर्टी हड़पने की नीयत से हत्या को अंजाम देने की बात सामने आई है। मृतक के चाचा रामजीत पर पहले भी कई मुकदमे दर्ज हैं। चाचा के उकसाने पर सगे भाई ने दिव्यांग सुरेंद्र के सिर पर वार किया और फिर झोपड़ी में आग लगाकर जिंदा जला दिया। मृतक के चाचा और सगे भाई सहित दो चचेरे भाइयों को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

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