कौशांबी में टप्पेबाज गिरोह का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार
20 हजार रुपये व अखबारी कागज की नोटनुमा गड्डी बरामद

सचिन पाण्डेय,कौशांबी/उत्तर प्रदेश। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार के निर्देशन में सैनी थाना पुलिस ने टप्पेबाजी और धोखाधड़ी करने वाले एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से 20 हजार रुपये नकद और अखबारी कागज से बनी नोटनुमा गड्डी बरामद की है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह बैंक से पैसा निकालकर बाहर आने वाले लोगों को निशाना बनाकर ठगी की वारदातों को अंजाम देता था।
पुलिस के अनुसार हाल ही में जिले में टप्पेबाजी की कई घटनाएं सामने आई थीं। 24 फरवरी 2026 को सिराथू निवासी अमृत लाल के साथ बैंक से पैसे निकालने के बाद टप्पेबाजी की घटना हुई थी। इसके अलावा 9 मार्च 2026 को बदलेपुर निवासी साविता देवी के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी की गई थी। वहीं एक अन्य घटना बांदा जनपद के नरैनी थाना क्षेत्र में 1 मार्च को सामने आई, जिसमें एक व्यक्ति से 29 हजार रुपये की टप्पेबाजी की गई थी।
इन मामलों में कौशांबी के सैनी थाने में दो मुकदमे दर्ज किए गए थे, जबकि तीसरा मुकदमा बांदा जिले के नरैनी थाने में दर्ज किया गया था। घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच शुरू की। एसपी राजेश कुमार के निर्देशन में सैनी थाना पुलिस ने घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और सर्विलांस की मदद से आरोपियों की पहचान की। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए राजा सोनकर निवासी कानपुर नगर, दीप उर्फ साजन निवासी फतेहपुर और वीरेंद्र निवासी कानपुर नगर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 20 हजार रुपये नकद और अखबारी कागज से बनी नोटों जैसी गड्डी बरामद की है, जिसका इस्तेमाल वे लोगों को भ्रमित करने के लिए करते थे।
एसपी राजेश कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास है। मुख्य आरोपी राजा सोनकर के खिलाफ प्रदेश के विभिन्न थानों में चोरी, लूट, नकबजनी, धोखाधड़ी, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट के कुल 19 मुकदमे दर्ज हैं। इसी प्रकार दीप उर्फ साजन के खिलाफ 16 मुकदमे और वीरेंद्र के खिलाफ 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे बैंक और एटीएम के आसपास पहले रेकी करते थे। इसके बाद पैसे निकालकर बाहर आने वाले लोगों को झांसे में लेकर असली नोटों की गड्डी बदलकर अखबार की गड्डी थमा देते थे और मौके से फरार हो जाते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से कोर्ट के आदेश पर तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।



